फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी समस्या: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार को भेजा नोटिस, 31 जिलों में भूजल दूषित होने का मामला

Fri, 04 Mar 2022 08:57 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार में भूजल प्रदूषण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को एक नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बिहार सरकार को एक नोटिस भेजा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह नोटिस राज्य के 38 में से 31 जिलों में भूजल के रसायनों से दूषित होने की रिपोर्ट्स पर जारी किया गया है। 

विज्ञापन


एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि हमने इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया गया है। इस रिपोर्ट में बिहार आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2021-22 का हवाला दिया गया है जिसको हाल ही में राज्य विधानसभा में पेश की गई है।

आयोग ने कहा है कि अगर इस मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है। इसने मुख्य सचिव व सचिव, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग और बिहार सरकार को नोटिस भेजा है।
विज्ञापन


इस नोटिस पर छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 38 में से 31 जिलों में भूजल आर्सेनिक, फ्लोराइड और अधिक आयरन से दूषित है। इनसे लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

31 जिलों में भूजल प्रदूषण की स्थिति बहुत गंभीर
रिपोर्ट के अनुसार इस दूषित भूजल की वजह से लोग लिवर और किडनी से संबंधित गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य के 31 जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण की स्थिति अधिक गंभीर हैं। 

ऐसे जिलों में पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए सुरक्षा उपाय और 'हर घर नल-जल' योजना के तहत मानकों को लागू करने की मांग भी की गई है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी रैंडम सैंपलिंग पर रिपोर्ट मांगी गई है।

तीन मार्च को प्रकाशित हुई इस मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 30,272 ग्रामीण वार्ड में भूजल रसायनों से दूषित है। 14 जिलों के 4742 वार्ड गंगा नदी के तट पर बसे हुए हैं और यहां पर भूजल मुख्य रूप से आर्सेनिक से दूषित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें