सीएम नीतीश कुमार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षक आंदोलन के बीच बड़ी खबर यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नई शिक्षक नियमावली की समीक्षा करेंगे। सीएम नीतीश कुमार खुद शिक्षक प्रतिनिधियों से बात करेंगे। अब भाजपा ने इसपर सवाल खड़ा कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर सरकार शिक्षक अभ्यर्थियों से बात करना चाहती है वह उन्हें पिटवा क्यों रही है।इधर, गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा कि यह काफी अच्छी बात है अगर मुख्यमंत्री खुद बात करेंगे तो उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान हो सकता है। बिहार सरकार की तरफ से बुलावा आने पर हमारे प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से जाकर मिलेंगे और अपनी सभी मांगों को रखेंगे उम्मीद है कि सरकार नियोजित शिक्षकों की मांग को मान जाए और उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा दे।
मंत्री बोले- भाजपा इस मामले पर राजनीति करना चाहती है
दरअसल, मानसून सत्र के दूसरे दिन विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के MLC हंगामा करने लगे। वह नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद शिक्षक प्रतिनिधियों से बात करेंगे। भाजपा इस मामले पर राजनीति करना चाहती है। उनकी शिक्षक अभ्यर्थियों से कोई हमदर्दी नहीं है, इसलिए आंदोलन की बात कह रही है। इस पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर शिक्षक अभ्यर्थियों से बातचीत करना चाहते हैं तो वह उन्हें गिरफ्तार क्यों करवा रहे हैं।
राजद का आरोप- भाजपा वाले बहका रहे हैं
इधर, विधानसभा परिसर में भाई वीरेंद्र ने कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों को भड़काया जा रहा है। वह यह जान रहे हैं कि भाजपा वाले ऐसा कर रहे हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि महागठबंधन की सरकार हमेशा शिक्षकों के साथ रही है। आगे की हमेशा रहेगी। महागठबंधन सरकार उनके लिए काफी कुछ सोच रही है। इसलिए किसी के बहकावे में नहीं आएं। वहीं माले विधायकों ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के मुद्दे पर हमलोग उनके साथ हैं। सरकार को उनकी मांग माननी होगी। हमलोग भी सरकार से इस मामले में सरकार से बात करेंगे।