पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बिहार में बसों के किराये की नई दरें तय कर दी गई हैं। परिवहन विभाग ने तीन साल बाद बसों की नई दर तय की है। इससे पहले 2018 में बस की नई दरें लागू की गई थी। विभागीय सचिव संजय कुमार अग्रवाल की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई दरों के अनुसार, संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार 15 दिनों में बसों के बेसिक किराया और प्रति किलोमीटर के अनुसार नया किराया तय करेगा।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बस संचालकों की ओर से लगातार किराये में वृद्धि की मांग की जा रही थी। किराये में इजाफा के लिए विभाग ने पिछले महीने ही प्रारूप जारी किया था। अधिकारी ने लोगों से सुझाव व आपत्ति मांगे थे, लेकिन एक महीने के भीतर न तो कोई सुझाव मिले और न ही किसी ने आपत्ति जताई। इसे देखते हुए विभाग ने छह अक्तूबर 2018 को पारित आदेश को संशोधन करते हुए बिहार में बसों का नया किराया तय किया है।
बसों का सफर हो गया महंगा
परिवहन विभाग ने बसों के किराये में 67 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। विभाग ने कहा है कि बसों के शुरू होने से लेकर यात्रा की समाप्ति वाले स्थलों का किराया राज्य व क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार द्वारा तय किया जाएगा। जिला प्रशासन को कहा गया है कि वह बसों का किराया सभी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करें। निर्धारित भाड़े की दर अधिकतम है। इस दर से अधिक भाड़ा वसूल नहीं किया जाएगा। हरेक वाहन स्वामी व चालक वाहन में किराये व भाड़े की सूची प्रदर्शित करेंगे। भाड़े का निर्धारण बैठान क्षमता के आधार पर किया गया है।
लंबी दूरी की बसों में भाड़े की गणना पहले 100 किलोमीटर तक उस श्रेणी के बेसिक भाड़ा दर के आधार पर होगी। जबकि 101 से 250 किमी की दूरी तक में निर्धारित किराये में 20 फीसदी की वृद्धि तो 251 किलोमीटर से अधिक होने पर बेसिक भाड़ा में 30 फीसदी का इजाफा किया जाएगा। अब सामान्य बसों का किराया न्यूनतम डेढ़ रुपए प्रति किमी होगा। यह पहले 90 पैसे प्रति किमी था। जबकि एसी बसों का अधिकतम किराया 2.50 रुपए प्रति किमी होगा, जो अब तक दो रुपए प्रति किमी था।