कार्रवाई के दौरान एनआईए (सांकेतिक तस्वीर)
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के चार गिरफ्तार कैडरों के खिलाफ गैरकानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में आरोप पत्र दायर किया है। एनआईए की विशेष अदालत पटना में पूर्वी चंपारण जिला निवासी इन चार आरोपियों मोहम्मद तनवीर, मोहम्मद आबिद, मोहम्मद बेलाल और मोहम्मद इरशाद आलम के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया है। एक अधिकारी के अनुसार, यह चारों आरोपी अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हथियारों और गोला-बारूद की व्यवस्था कर हिंसक आपराधिक कृत्यों की योजना बना रहे थे और पीएफआई की विचारधारा और हिंसक उग्रवाद के एजेंडे का प्रचार कर रहे थे।
इन कानूनों के तहत आरोप लगाए गए।
UAPA समेत कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए
आतंकवाद के खिलाफ काम करने वाली केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने नई दिल्ली में कहा कि गुरुवार को इन चारों पर भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि पीएफआई की गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने और विदेशों से PFI के सदस्यों व आरोपियों को अवैध धन पहुंचाने के आरोप में अब तक इन चार समेत कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
फुलवारी में दर्ज केस को एनआईए ने हाथ में लिया था
पिछले साल 12 जुलाई को 26 लोगों के खिलाफ पटना के फुलवारीशरीफ थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसे 10 दिन बाद एनआईए ने अपने पास ले लिया था। 7 जनवरी को एनआईए ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। जांच अब भी जारी है। एजेंसी ने जांच में पाया है कि आलम आपराधिक सिंडिकेट का सदस्य है, जो अन्य पीएफआई कैडरों के साथ मिलकर आतंक और सांप्रदायिकता फैलाने के इरादे से एक विशेष समुदाय के युवाओं पर हमला करने और उनकी हत्या करने से संबंधित आपराधिक साजिश में शामिल था। इस सिंडिकेट का लक्ष्य इसके जरिए सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़कर दंगे कराने का था। तनवीर और आबिद के पास ऐसे अपराध को अंजाम देने के लिए पहले से ही आतंकी हार्डवेयर थे, जिसे उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों में से एक याकूब खान को सौंप दिया था। याकूब हथियारों और आतंकी रणनीति के लिए पीएफआई का मास्टर ट्रेनर है। उसने प्रतिबंधित संगठन की हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियां को बढ़ाने की दिशा में कई बार हथियार प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए थे।