बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) का स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान VHP ने कहा कि बिहार में तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है, जिसका उदाहरण दरभंगा जिले में हिंदू धर्म के ऊपर किए गए हमले हैं। इसको जानबूझकर बढ़ावा दिया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद पराण्डे ने कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति पर हमले किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। दरभंगा जिले में बीते दिनों सरस्वती पूजा की एक विसर्जन यात्रा पर तोड़-फोड, पत्थरबाजी, उपद्रव और महिला श्रद्धालुओं से अभद्रता की घटनाएं उदाहरण हैं। इस वीएचपी ने इस मामले में प्रशासन से दोषियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। मिलिंद पराण्डे ने साथ ही कहा कि प्रशासन की उदासीनता और तुष्टिकरण की नीति के कारण बार-बार ऐसी घटनाएं होती हैं, जो अब किसी भी तरह सहन नहीं की जा सकती हैं।
विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री पराण्डे ने कहा कि ने वर्तमान समय की मांग है कि पूरे देश सहित उत्तर बिहार में भी मतांतरण (धर्म परिवर्तन) के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए। इस दिशा में कई राज्यों ने पहल की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और असम ने इसकी पहल की भी है। यहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) भी यथाशीघ्र लागू किया जाए। ताकि देश में एक जैसा कानून बनाया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन दिनों जिस तरह से धर्म विशेष को टारगेट किया जा रहा है। ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए इस प्रकार के किसी भी हिंदू उत्सव से पहले ही पुलिस द्वारा ड्रोन से वीडियोग्राफी करके सुरक्षा व्यवस्था का विचार करना चाहिए। ताकि अब इन सभी यात्राओं पर समुदाय विशेष की बस्ती के मकानों की छतों से पथराव हुआ है, जिसकी निगरानी किया जा सके।
मिलिंद पराण्डे ने दावा कर कहा कि ASI की सर्वे रिपोर्ट और कोर्ट ने इस बात को साबित किया है कि हमारे पुराने मंदिरों को तोड़कर ही मस्जिद और मदरसे बनाए गए थे (हालांकि अमर उजाला इस बात की पुष्टि नहीं करता है)। पराण्डे ने कहा कि कोर्ट के फैसले से हिंदू धर्म के लोगों का विश्वास बढ़ा है। इस कारण से हिंदू धर्म और समाज के लोग में विश्वास बढ़ा है। यह भी विश्वास बढ़ा है कि आने वाले दिनों में कोर्ट और एएसआई के सर्वे से हमारे पौराणिक मंदिर वापस मिल सकेंगे।