जब सियासत धर्म के नाम पर बंटवारे की रेखाएं खींचने की कोशिश कर रही हो, तब समाज के आम लोग एकता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं। ऐसा ही एक खुशनुमा दृश्य बिहार के वैशाली जिले से सामने आया है। जहां होली और रमजान के संगम पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर त्योहार मनाया, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और आपसी सौहार्द की मिसाल कायम की।
राघोपुर में दिखी एकता की रंगत
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत चकसिकंदर पंचायत में यह दृश्य देखने को मिला, जहां दोनों समुदायों के लोग साथ नजर आए। एक तरफ मस्जिदों में रमजान के दूसरे जुमे की नमाज अदा की गई, तो दूसरी तरफ होली के रंगों में सराबोर हिंदू भाई जश्न मनाते दिखे। दोनों ने एक-दूसरे के त्योहार का सम्मान करते हुए सौहार्द का वातावरण बनाए रखा।
यह भी पढ़ें- Holi 2025:बिहार में यहां होली-जुमा विवाद बेअसर, गुलाल संग मोहब्बत और भाईचारे का भी पर्व बना रंगों का त्योहार
गुलाल में लिपटे प्यार के रंग
इस अवसर पर पूर्व मुखिया पति मुजाहिद अनवर, पूर्व मुखिया रणवीर राम और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कुणाल ने आपसी प्रेम और एकजुटता की मिसाल पेश की। सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और मिठाइयों का आदान-प्रदान कर त्योहार की बधाई दी। यह दृश्य सांप्रदायिक सौहार्द के रंगों से रंगी एक तस्वीर बन गया।
शांति व्यवस्था पर प्रशासन की चौकसी
वैशाली जिला प्रशासन ने भी दोनों पर्वों को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। जिलेभर में 457 मजिस्ट्रेट और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया की भी सघन निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर जिला भर में विशेष पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। हर चौक-चौराहे पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती 16 मार्च तक जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें- Holi 2025:बिहार में होली की बधाई के बहाने सियासत, लालू बोले- बुराई का अंत होगा, नीतीश-भाजपा ने दिया यह संदेश
डीएम और एसपी कर रहे निगरानी
होली और रमजान के दौरान किसी भी तरह की अराजकता से निपटने के लिए वैशाली डीएम और एसपी खुद पूरे जिले की निगरानी कर रहे हैं। इससे पहले दोनों अधिकारियों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
भाईचारे की जीत, नफरत की हार
इस अनोखे संगम ने यह साबित कर दिया कि धर्म का असली रूप प्रेम, सौहार्द और इंसानियत है, न कि नफरत और बंटवारा। जिस तरह गुलाल के रंग और रमजान की इबादत एक साथ घुलती दिखी, वह समाज को यह संदेश देती है कि त्योहार मनाने का असली मकसद एक-दूसरे से जुड़ना है, न कि दूरियां बढ़ाना।
यह भी पढ़ें- Holi 2025:यहां सौ साल से हो रहा होलिका दहन, विधि विधान से पूजा के बाद होली की गीतों पर झूमते दिखे लोग
इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि हमारी साझी संस्कृति ही हमारी पहचान है। नफरत की राजनीति कितनी भी कोशिश कर ले, हम एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे। यही हिंदुस्तान की असली तस्वीर है।