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Bihar Crime: आईपीएस अधिकारी की फर्जी आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर JDU के नेता से ठगी; 80 हजार रुपये का लगाया चूना

Wed, 21 Feb 2024 02:55 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur Hindi News: साइबर ठग ने बेतिया रेंज के DIG के नाम पर सोशल मीडिया एप मैसेंजर पर फर्जी अकाउंट से मैसेज भेजकर एक जदयू नेता से 80 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामले को लेकर पीड़ित ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानें पूरा मामला...।
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साइबर पुलिस थाना, मुजफ्फरपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर ठग ने सोशल मीडिया एप पर पुलिस अधिकारी की फर्जी अकाउंट बनाकर जनता दल यूनाइटेड के नेता को अपना निशाना बनाया है। ठग ने सामान देने के नाम पर नेता से 80 हजार रुपये की ठगी की है। उसके बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

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जानकारी के मुताबिक, साइबर ठग ने बेतिया रेंज के DIG के नाम पर सोशल मीडिया एप मैसेंजर पर फर्जी अकाउंट से मैसेज भेजकर एक जदयू नेता से 80 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित औराई थाना क्षेत्र के राजखंड का रहने वाले बेचन महतो हैं। मामले को लेकर बेचन महतो ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में जदयू नेता ने बताया है कि बीते साल 24 दिसंबर की शाम साढ़े तीन बजे के IPS जयंतकांत के फोटो लगे मैसेंजर आईडी से उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। उसमें उसका हाल-चाल पूछा गया। फिर उस आईडी से मैसेज लिखा गया कि उनके CRPF का एक ऑफिसर दोस्त है, उसका ट्रांसफर जम्मू कश्मीर हो गया है। उनके पास सेकेंड हैंड के कई फर्नीचर आइटम हैं और जल्दी में जम्मू जाना है। इसके बाद मैसेज में लिखा गया कि तुम्हारे नंबर पर उक्त अधिकारी संतोष कुमार का नंबर भेज रहे हैं। तुम विश्वास करके वह फर्नीचर का आइटम खरीद लो।

प्राथमिकी में आगे बताया गया कि इसके बाद फिर 25 दिसंबर को संतोष कुमार नाम के व्यक्ति ने CRPF अधिकारी बनकर उससे बातचीत की। साथ ही IPS जयंतकांत को अपना करीबी मित्र बताया। उसके बाद उसने वाट्सएप पर सारे सामान के फोटो भेजे और कहा कि ट्रक के जरिए CRPF कैंप से 95 हजार रुपये में सारा सामान होम डिलिवरी हो जाएगा। उसने 60 हजार रुपये में सौदा किया। उधर से वाट्सएप पर एक स्कैनर भेजा गया।
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इसके बाद 26 दिसंबर से अलग-अलग UPI आईडी से 60 हजार रुपये उसको भेज दिए। इसके बाद उधर से ट्रक का चालान भेजा और कहा कि चालान का 21 हजार 750 रुपये सिक्योरिटी चार्जेज भेज दीजिए। इसके साथ ही कैंप से गाड़ी निकलते ही आपके खाते में यह रुपये वापस भी आ जाएंगे। उसको संदेह हुआ तो फिर से आईपीएस जयंतकांत वाली आईडी से मैसेज आया और बोला गया कि सिक्योरिटी चार्जेज भेज दो। विश्वास में आकर वह भेज दिए। तब ठीक इसके बाद संतोष कुमार नाम के व्यक्ति ने अपना मोबाइल फोन ऑफ कर दिया।
 
वहीं, इस पूरे मामले में पीड़ित का कहना है कि इसकी शिकायत उसने मुजफ्फरपुर के साइबर थाने में भी दी है। उसमें बताया गया कि आईपीएस जयंतकांत तीन साल तक मुजफ्फरपुर के एसएसपी रहे हैं। इस दौरान वह लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध रहे। साइबर अपराधी ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करके फर्जी मैसेंजर आइडी बना ली है। इसको लेकर IPS अधिकारी ने भी अपने कई सोशल मीडिया हैंडल पर इस बारे में जानकारी दी है। उसमें वे किसी भी व्यक्ति को रुपये नहीं भेजने का आग्रह भी कर चुके हैं।

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