नेपाल और तराई क्षेत्र के साथ-साथ जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब उत्तर बिहार की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। मुजफ्फरपुर जिले से होकर बहने वाली बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण कटरा प्रखंड को औराई से जोड़ने वाला पीपा पुल प्रभावित हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
पीपा पुल पर आवागमन ठप, लोगों की बढ़ी परेशानी
बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल के दोनों ओर बने अप्रोच पथ पर करीब तीन से चार फीट पानी बह रहा है। ऐसे में पुल से किसी भी प्रकार के वाहन का आवागमन संभव नहीं है। इसके चलते स्थानीय लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी प्रखंड कार्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को हो रही है।
कई गांवों का संपर्क टूटने का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि नदी का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो कटरा प्रखंड की दर्जनों पंचायतों के कई गांवों का संपर्क टूट सकता है। लगातार हो रहे कटाव और तेज बहाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
प्रति घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार रात आठ बजे तक बागमती नदी का जलस्तर प्रति घंटे लगभग 10 सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा था। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
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प्रशासन अलर्ट मोड पर
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में हैं। बागमती जल प्रमंडल के अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और कटाव वाले इलाकों में आवश्यकतानुसार बालू की बोरियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका
नदी किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि बागमती जब भी उफान पर आती है, तो कटाव और बाढ़ से व्यापक नुकसान होता है। इसी आशंका को देखते हुए कुछ परिवार सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। फिलहाल बागमती नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है।