बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से पहली बार तेजस कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्टार्टअप इंडिया के तहत स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर के उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर नवाचार को मजबूत करने पर जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, इससे विकसित भारत के नवाचार को भी बल मिलेगा।
गौरतलब है कि तेजस पहल मुख्य रूप से गैर-महानगरीय क्षेत्रों के महत्वाकांक्षी उद्यमियों, स्टार्टअप और छात्रों की पहचान करने, उन्हें पोषित करने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई राष्ट्रव्यापी पहल है। इसके तहत संसाधन, मार्गदर्शन और संस्थागत सहायता उपलब्ध कराकर प्रतिभागियों को बड़े स्तर पर उद्यम स्थापित करने के लिए सक्षम बनाया जाता है।
यह पहल देश के 132 जिलों में लागू की जा रही है। इसमें मुख्य रूप से क्षमता निर्माण, इकोसिस्टम विकास और उद्यमिता के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यशाला में स्टार्टअप, छात्र-छात्राओं, गैर-सरकारी संगठनों और महत्वाकांक्षी उद्यमियों सहित 450 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इससे नवाचार और सहयोग के लिए एक जीवंत एवं आकर्षक वातावरण तैयार हुआ।
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उद्यमिता को बढ़ावा देने में प्रशासन की भूमिका पर चर्चा
कार्यशाला के आयोजन के अवसर पर मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने जिले में उद्यमिता को बढ़ावा देने में जिला प्रशासन की भूमिका और जिले के उद्यमिता परिदृश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में प्रेरित करने और इसमें उद्योग विभाग की सहभागिता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जिले के कुछ सफल स्टार्टअप उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया गया। सभी पदाधिकारियों ने उनके उत्पादों और कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
तेजस कार्यशाला का आयोजन
तेजस कार्यशाला का आयोजन
तेजस कार्यशाला का आयोजन