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Bihar: मुजफ्फरपुर में सामूहिक तबादलों के विरोध में लोको पायलटों का आंदोलन तेज, परिवारों ने संभाला मोर्चा

Sun, 04 Jan 2026 03:49 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

Bihar: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर 78 रनिंग स्टाफ के जबरन तबादले के विरोध में तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। ठंड के बावजूद कर्मचारियों के साथ उनके परिजन और बच्चे भी समर्थन में उतरे।
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रनिंग स्टाफ के समर्थन में आया परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जंक्शन पर लोको पायलट और रनिंग स्टाफ संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। रविवार को आंदोलन को और मजबूती तब मिली, जब रनिंग स्टाफ के परिजन और बच्चे भी उनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच गए।

यह आंदोलन समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा किए गए सामूहिक तबादलों के विरोध में किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 78 रनिंग स्टाफ जिसमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गाड़ी प्रबंधक शामिल हैं को बिना उनकी सहमति के बरौनी और मानसी स्थानांतरित कर दिया गया है। इसी के विरोध में कर्मचारी परिवारों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।

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ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले आयोजित इस धरने में विभिन्न रेल यूनियनों AILRSA, AIGC, ECREU, ECRKU और मजदूर कांग्रेस ने एकजुटता दिखाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेल प्रशासन दोहरी नीति अपना रहा है। मंडल परिसीमन के बाद अन्य विभागों के कर्मचारियों को पसंदीदा स्टेशन चुनने का विकल्प दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ को यह अवसर नहीं मिला।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या विकल्प मांगे, एकतरफा प्रशासनिक आदेश के जरिए तबादले किए गए हैं, जो समानता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है। रविवार को परिजनों और बच्चों की मौजूदगी के कारण आंदोलन और भी खास रहा। परिजन हमें न्याय चाहिए और अन्यायपूर्ण तबादला वापस लो जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए। परिजनों का कहना है कि अचानक हुए इन तबादलों से बच्चों की शिक्षा और घरेलू व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होगी, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे अधिकारियों की होगी।

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