मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र में 26 मई 2025 को एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसकी हत्या की दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। इस चर्चित कांड में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 23 सितंबर 2025 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी रोहित सहनी को आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। स्पीडी ट्रायल के माध्यम से 111 दिनों में इस मामले का फैसला आया, लेकिन पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें फांसी की सजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है और वे इसके लिए हाई कोर्ट का रुख करेंगे। इस फैसले ने पीड़ित परिवार को कुछ राहत दी है, लेकिन उनकी न्याय की मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है।
कुढ़नी कांड की भयावह घटना
जानकारी के मुताबिक, यह जघन्य घटना 26 मई 2025 को कुढ़नी थाना क्षेत्र में हुई थी। उस दिन आरोपी रोहित सहनी ने एक नाबालिग लड़की को उसके घर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। उसने सुनसान जगह पर बच्ची से दुष्कर्म किया और फिर धारदार हथियार से उसका गला और सीना रेतकर उसकी हत्या कर दी। शव को सुनसान क्षेत्र में फेंक दिया गया था। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोहित सहनी को पकड़ लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी बरामद हुआ। इस मामले ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा किया था और राजनीतिक हलकों में भी इसकी खूब चर्चा हुई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की। 27 मई 2025 को पीड़िता की मां ने कुढ़नी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने स्पीडी ट्रायल के जरिए इस मामले को तेजी से आगे बढ़ाया। जांच में 13 गवाहों के बयान, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सबूतों के आधार पर कोर्ट ने पहले दोष सिद्ध किया और फिर 23 सितंबर को सजा सुनाने की तारीख तय की।
पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
विशेष पॉक्सो कोर्ट की सब जज नूर सुल्ताना ने 23 सितंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुनाया। 13 गवाहों के बयान, मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने रोहित सहनी को दुष्कर्म और हत्या का दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ आर्थिक दंड भी लगाया गया। कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि 111 दिनों के भीतर स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा सुनाई गई। फैसला सुनते ही दोषी रोहित सहनी फफक-फफक कर रो पड़ा, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा सुनिश्चित की।
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पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
पीड़िता की मां ने कोर्ट के फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा से उन्हें पूरी संतुष्टि नहीं मिली है। उनकी बेटी के साथ हुई क्रूरता को देखते हुए वे फांसी की सजा चाहती हैं। मां ने बताया कि उनकी बेटी को घर से उठाकर ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगी और तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी, जब तक दोषी को फांसी की सजा नहीं मिलती। इस दुखद घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
अभियोजन और बचाव पक्ष की प्रतिक्रिया
विशेष पॉक्सो कोर्ट के अभियोजन अधिकारी ने बताया कि यह एक बेहद निर्मम घटना थी, जिसे स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द से जल्द सजा तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि 13 गवाहों के बयान, मेडिकल और तकनीकी साक्ष्यों ने दोष सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियोजन ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे पीड़ित परिवार में न्याय की उम्मीद बनी है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन अगर पीड़ित परिवार हाई कोर्ट का रुख करता है, तो वे भी आगे की कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
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