बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड में फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र के आधार पर करीब 12 साल तक नौकरी करने का मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इसके बाद आरोपी नियोजित शिक्षिका ज्ञांति कुमारी के खिलाफ सिवाईपट्टी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 2014 में मिली थी नौकरी, टीईटी अंक पत्र में दिखाई गई थी गड़बड़ी
निगरानी विभाग की जांच के अनुसार, ज्ञांति कुमारी वर्तमान में मीनापुर प्रखंड के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र स्थित पैगंबरपुर हनुमान प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं। पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान इस कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि ज्ञांति कुमारी ने वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत नियोजन इकाई, पैगंबरपुर में आवेदन देकर अप्रशिक्षित शिक्षिका के रूप में नौकरी हासिल की थी। आवेदन के साथ उन्होंने वर्ष 2011 का टीईटी अंक पत्र जमा किया था, जिसमें 90 अंक प्राप्त होने का उल्लेख था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी नियुक्ति हुई थी।
बिहार बोर्ड के रिकॉर्ड में मिले केवल 50 अंक
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) के अभिलेखों का सत्यापन किया गया। इसमें सामने आया कि संबंधित रोल नंबर पर अभ्यर्थी को 90 नहीं, बल्कि केवल 50 अंक मिले थे। इन अंकों के आधार पर वह टीईटी परीक्षा में अनुत्तीर्ण थीं।
जांच के अनुसार, अंक पत्र में कथित तौर पर हेरफेर कर अधिक अंक दर्शाए गए और इसी के आधार पर शिक्षिका ने नौकरी हासिल की। इस तरह वह करीब 12 साल तक शिक्षिका के पद पर कार्यरत रहीं।
शिक्षिका और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ज्ञांति कुमारी के खिलाफ सिवाईपट्टी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में शिक्षिका के साथ इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस और निगरानी विभाग की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कथित तौर पर जाली अंक पत्र तैयार करने और उसके आधार पर नौकरी हासिल करने में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।