बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। भाजपा कोटे से बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने दावा किया कि जन सुराज की जीत उसके अपने जनाधार की वजह से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वोट उसके पक्ष में शिफ्ट होने से हुई है। उन्होंने कहा कि NDA का वोट बैंक पहले भी मजबूत था और आज भी पूरी तरह उसके साथ खड़ा है।
'RJD का वोट प्रशांत किशोर के पक्ष में गया'
मुजफ्फरपुर जिला सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की जीत का सबसे बड़ा कारण RJD के कोर वोटरों का उनके पक्ष में शिफ्ट होना है। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी का अपना कोई जनाधार या वोट बैंक नहीं है। यदि आज पूरे बिहार में चुनाव हो जाए तो NDA की जीत होगी और जन सुराज को हार का सामना करना पड़ेगा।
'परिस्थितियों के विधायक बने हैं प्रशांत किशोर'
मंत्री ने कहा कि बांकीपुर में जो परिस्थितियां बनीं, उनमें RJD के कोर वोटरों ने प्रशांत किशोर का समर्थन किया। इसी वजह से वह चुनाव जीत पाए। उन्होंने कहा, "प्रशांत किशोर अपने जनाधार की वजह से नहीं, बल्कि परिस्थितियों के विधायक बने हैं।"
'NDA का जनाधार कभी कमजोर नहीं हुआ'
ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि भाजपा के कोर वोटरों ने चुनाव परिणाम बदल दिया, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा का वोटर आज भी पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा है और पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता नाराज नहीं है। हार के बाद विपक्ष इस तरह की बातें करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि NDA आज भी पूरी तरह मजबूत है।
'अभी चुनाव हो जाए तो फिर NDA ही जीतेगा'
मंत्री ने दावा किया कि यदि अभी चुनाव हो जाए तो NDA एक बार फिर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी दलों में एकता और मजबूती कायम है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान NDA ने अंतिम समय तक पूरी ताकत से प्रयास किया और उसके समर्थक लगातार उसके साथ बने रहे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का वोटर कभी पाला नहीं बदलता।
'RJD को अपना ही वोट नहीं मिला'
ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि इस चुनाव में RJD को उसका अपना वोट भी नहीं मिला। उनका दावा है कि RJD के अधिकांश वोट भाजपा को हराने के उद्देश्य से जन सुराज के खाते में चले गए, जिसकी वजह से चुनाव परिणाम बदला। उन्होंने दोहराया कि जन सुराज की जीत उसके संगठन या जनाधार की नहीं, बल्कि विपक्षी वोटों के एकजुट होने का नतीजा है। वहीं, NDA का जनाधार पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।