मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर बताया गया कि उद्योग विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर स्वीकृत 82 पदों में से 26 पद और क्षेत्रीय स्तर पर स्वीकृत 31 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए कुल 57 पदों को पुनर्गठित किया जाएगा। इसके साथ ही एक पद उद्योग विभाग को वापस करते हुए मुख्यालय स्तर पर कुल 106 पदों को चिह्नित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उद्योग विभाग का कहना है कि निदेशालय के पुनर्गठन से नए लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों का बेहतर संपादन, कार्यप्रवाह में सुगमता, निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी और प्रशासनिक कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से MSME निदेशालय की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनेगी।
पीपीडी मोड में 16 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
बिहार सरकार ने राज्य में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्राइवेट निवेश का निर्णय लिया है। इसमें पावापुरी, रहुई, मधेपुरा और पूर्णिया में पहले से चल रहे चार मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन में सुधार होगा। समस्तीपुर, वैशाली, सारण, भोजपुर, बक्सर, मधुबनी, सीतामढ़ी, जमुई, मुंगेर और सुपौल समेत 12 जिलों में जल्द पढ़ाई शुरू होगी। सरकार की ओर से बताया गया कि सात निश्चय-3 के 'सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन' कार्यक्रम के तहत लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर 16 ब्राउनफील्ड चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल सहित) के संचालन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से PWC का चयन ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में किया गया है। राज्य सरकार ने PWC को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) जारी करने की मंजूरी देते हुए इस परियोजना पर होने वाले 8 करोड़ 27 लाख 300 रुपये के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। इस पहल का उद्देश्य PPP मॉडल के जरिए राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना है।
हेली-टूरिज्म सेवा योजना के किन प्रस्ताव पर मुहर
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के तहत पर्यटकों को हवाई पर्यटन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेलिकॉप्टर सेवा लेने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली, 2024 के प्रावधानों के अनुसार नामांकन के आधार पर हेलिकॉप्टर सेवा अधिप्राप्त की जाएगी, जिस पर प्रतिमाह 60 लाख रुपये तथा लागू जीएसटी का भुगतान किया जाएगा। निर्धारित अवधि के लिए इस योजना पर अधिकतम 3.30 करोड़ रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) के प्रशासनिक एवं व्यय की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
आइए जानते हैं कैबिनेट में और किन प्रस्तावों पर लगी मुहर?