मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राज्य सरकार की सक्रियता लगातार बनी हुई है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद शुक्रवार को अस्पताल पहुंचीं और मामले की प्रगति तथा जांच की स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल परिसर का निरीक्षण करने के बाद मंत्री ने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। हादसे के बाद राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जो मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या थी हादसे की वजह
मंत्री रमा निषाद ने कहा कि जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे की वजह क्या थी, सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और किन कारणों से इतनी बड़ी घटना हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है और सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।
सरकार किसी को संरक्षण देने के पक्ष में नहीं
अस्पताल प्रबंधन को बचाने के आरोपों से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार किसी को संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है। यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन, प्रशासनिक स्तर या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अस्पताल को अग्निशमन विभाग की एनओसी मिलने और सुरक्षा मानकों को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरी जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन सरकार यह जानने के लिए प्रतिबद्ध है कि आखिर चूक कहां हुई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।
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गौरतलब है कि, प्रसाद अस्पताल में हुए अग्निकांड में कई लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।