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Bihar News: एडवोकेट मर्डर के पांच में से दो आरोपी गिरफ्तार, एक को उम्रकैद; RTI से सूचना मांगने पर हुई थी हत्या

Tue, 06 Feb 2024 06:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Advocate Ram Kumar Thakur Murder Case: मुजफ्फरपुर में हुए वकील राम कुमार ठाकुर हत्याकांड मामले एडीजे सेशन कोर्ट ने पांच आरोपियों में दोषी ठहराए गए एक आरोपी को आजावीन कारावास की सजा सुना दी है। साथ ही उस पर अर्थ दंड लगाया गया है। जानें पूरा मामला...।
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वकील हत्याकांड के पांच आरोपियों में से एक को आजीवन कारावास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर कोर्ट ने बीते 2013 में हुए अधिवक्ता हत्याकांड मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपी पांच लोगों में से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। एडीजे कोर्ट 2 ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोषी करार दिए गए ब्रह्मानंद सहनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर 35 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है। दरअसल, जिला के मनियारी थाना क्षेत्र के अधिवक्ता राम कुमार ठाकुर की 23 मार्च 2013 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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जानकारी के मुताबिक, चर्चित अधिवक्ता रामकुमार ठाकुर हत्या मामले में आरोपी ब्रह्मानंद सहनी को दोषी करार दिया गया था। एडीजे सेशन कोर्ट ने मंगलवार को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी ब्रह्मानंद सहनी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना दोषी को हत्या किए जाने, आर्म्स एक्ट और हत्या की साजिश रचने के मामले में अलग-अलग धाराओं के तहत लगाया गया है। वहीं, दोषी को सजा सुनाए जाने के बाद परिजन बिलख पड़े।

वहीं, इस मामले में अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय ने बताया वर्ष 23 मार्च 2023 को अधिवक्ता राम कुमार ठाकुर की हत्या घर लौटने के दौरान में कर दी गई थी। उस मामले में पांच लोग आरोपी बनाए गए थे, जिनमें दो लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई थी। उनमें से एक को आज एडीजे कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उसपर आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 35 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है, जिसको कि पीड़ित परिवार को देना होगा। अगर नहीं देते हैं तो सजा में छह माह की अतिरिक्त सजा दिए जाने का कोर्ट ने आदेश दिया है।
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इस पूरे मामले को लेकर लोक अभियोजन पदाधिकारी मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि गांव में लौटने के दौरान में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सूचना मांगी गई थी। उसे लेकर राजकुमार सहनी के बेटे ब्रह्मानंद सहनी के द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें अधिवक्ता राज कुमार ठाकुर की मौत हो गई थी। उसके बाद इस मामले में मनियारी थाना में 48/13 केस दर्ज कराया गया था। उसके बाद कोर्ट ने सुनवाई कर एक आरोपी जिसको दोषी करार दिया था, जिसे आज कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 35 हजार का अर्थ दंड लगाया गया है।

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