मोतिहारी के रामगढ़वा के आमोदेई गांव स्थित रिपुराज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड में आयकर विभाग (आईटी) की छापामारी चौथे दिन भी जारी है। इस कार्रवाई से न केवल मिल का कामकाज बाधित हुआ है, बल्कि क्षेत्र में चर्चा और अटकलों का बाजार गर्म है। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इसे बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।
बाराती बनकर पहुंचे थे अधिकारी
जानकारी के मुताबिक, छह दिसंबर को शुरू हुई इस छापामारी ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया, जब आईटी अधिकारी बारात का स्टीकर लगाकर लगभग 40 गाड़ियों में सवार होकर कंपनी परिसर में दाखिल हुए। इस नाटकीय प्रवेश ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी। बताया जा रहा है कि आईटी अधिकारियों ने एक ही समय में रिपुराज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के 15 से अधिक ठिकानों पर छापामारी की। रक्सौल स्थित कंपनी के सीए आनंद कुमार के आवास और मोतिहारी के मिसकॉट क्षेत्र में भी अधिकारियों ने दस्तावेजों और डिजिटल डेटा को जब्त किया।
बिक्री के भुगतान और अवैध लेनदेन की हो रही जांच
आयकर विभाग की कार्रवाई मुख्य रूप से कंपनी द्वारा किए गए लेनदेन और बिक्री भुगतान की सत्यता पर केंद्रित है।
- मुख्य मुद्दे:-
- क्या कंपनी ने अवैध रूप से बिक्री का भुगतान प्राप्त किया है?
- किन खातों में इन लेनदेन को अंजाम दिया गया?
- जांच के तहत कंपनी के कर्मचारियों और रक्सौल तथा रामगढ़वा के स्थानीय निवासियों के बैंक खातों की भी जांच हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, सैकड़ों आधार कार्ड जब्त किए गए हैं और नए संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
सीसीटीवी बंद और ट्रकों की आवाजाही पर रोक
सोमवार को आईटी अधिकारियों की उपस्थिति में कंपनी परिसर का सीसीटीवी बंद कर दिया गया, जिससे और अधिक सस्पेंस बढ़ गया। ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। केवल वे ट्रक जो पहले ही मिल परिसर में प्रवेश कर चुके थे, उनकी सघन जांच और माल की तौल के बाद बाहर जाने की अनुमति दी गई।
आईटी अधिकारी जांच में जुटे
आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इस कार्रवाई को और भी गंभीर बना दिया है। हालांकि, आईटी अधिकारी मीडिया और स्थानीय पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं। छापामारी के चौथे दिन भी इस मामले में सस्पेंस कायम है। स्थानीय स्तर पर इसे बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि यह केवल आयकर चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसमें अवैध बिक्री और भुगतान की भी जांच हो रही है। क्षेत्र में लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस कार्रवाई का अंतिम नतीजा क्या होगा।
भारी मात्रा में लेनदेन के सबूत मिलने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, रक्सौल स्थित सीए के आवास से कंप्यूटर हार्ड डिस्क जब्त की गई है। उसमें भारी मात्रा में लेनदेन के सबूत होने का दावा किया जा रहा है। मोतिहारी के मिसकॉट क्षेत्र में भी अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
हालांकि अभी तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन आईटी अधिकारियों की सक्रियता और कार्रवाई के व्यापक दायरे को देखते हुए यह मामला बड़ा आर्थिक और कानूनी विवाद बनने की संभावना है।