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Bihar News: छापेमारी में गबन का खेल! थानाध्यक्ष समेत 6 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर, जांच शुरू

Wed, 07 Jan 2026 12:22 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में छापेमारी के दौरान बरामद सोना, चांदी के आभूषण और 15 लाख रुपये नकद के गबन के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित छह पुलिसकर्मियों और उनके चालकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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मौके पर DIG जांच करते हुए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सोना और 15 लाख रुपये नकद गबन करने के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों और उनके चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि सभी ने बरामद आभूषण, नकदी और सरकारी संपत्ति को गायब कर निजी लाभ के लिए गबन किया और पुलिस की छवि को धूमिल किया।
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डीआइजी के निर्देश पर लालगंज के अपर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने निलंबित पुलिस निरीक्षक सह तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष कुमार, एसआइ सुमन जी झा, अनुबंध चालक संतोष कुमार और सोनु कुमार, तत्कालीन थानाध्यक्ष के निजी चालक मिथिलेश कुमार तथा चौकीदार 3/2 कैलाश राम के पुत्र कुंदन कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सभी पर बरामद सोना-चांदी के आभूषण, नकद रुपये और सरकारी संपत्ति के गबन का आरोप है।

सुनवाई में यह भी आरोप लगाया गया कि छापेमारी टीम में शामिल नहीं होने के बावजूद एसआइ दिवाकर तांती पर दबाव बनाकर जब्ती सूची तैयार करवाई गई। एसआइ दिवाकर तांती ने 3 जनवरी को एसडीपीओ सदर-2 को आवेदन देकर इस संबंध में शिकायत की थी। आरोप है कि 30 दिसंबर को सभी आरोपितों ने बिलनपुर गांव निवासी रामप्रीत सहनी के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान पीतल और कांसे के बर्तन, सोना-चांदी के आभूषण, कारतूस, एयरगन, एलईडी टीवी, दो तलवार और नकद रुपये बरामद किए गए थे। इसके साथ ही रामप्रीत सहनी की पत्नी कौशल्या देवी को गिरफ्तार किया गया था।
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बरामदगी के बाद संध्या गश्ती पर निकले एसआइ दिवाकर तांती को दल-बल के साथ मौके पर बुलाया गया। तत्कालीन थानाध्यक्ष ने बरामद सामान और गिरफ्तार महिला को थाना ले जाने का निर्देश दिया। आरोप है कि जब एसआइ दिवाकर तांती ने थानाध्यक्ष के पास मौजूद बरामद थैला मांगा, तो उन्होंने इसे देने से इनकार कर दिया और कहा कि थैला उनके पास ही रहेगा और जरूरी काम से सराय जाना है। थानाध्यक्ष के निर्देश पर अनुबंध चालक सोनु भी गश्ती गाड़ी में बैठ गया। सभी को थाना लाया गया।

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इस मामले की शिकायत एसडीपीओ ने एसपी से की थी। इसके बाद एएसपी ट्रैफिक प्रेम सागर से जांच कराई गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर डीआइजी से कार्रवाई की अनुशंसा की गई। डीआइजी चंदन कुशवाहा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एसआइ सुमन जी झा को निलंबित कर दिया। बीते रविवार को डीआइजी ने एसपी और एसडीपीओ के साथ बिलनपुर गांव पहुंचकर स्थल जांच भी की।
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सिपाही से प्रमोट हुए दारोगा सुमन जी झा लगभग एक वर्ष पूर्व ASI रहते हुए सिवाईपट्टी थाना, जिला मुजफ्फरपुर में 11 हजार की घूसखोरी में निगरानी द्वारा गिरफ्तार किए गए थे और जेल भेजे गए थे। वहीं, तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष कुमार पर पहले भी दुष्कर्म के आरोपी को बचाने का आरोप लग चुका है।
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