मुजफ्फरपुर में मंगलवार को बिहार पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक आलोक राज की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अंतरप्रभागीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी जिलों और क्षेत्रीय पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधि-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण, और आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा करना था।
अपराध नियंत्रण के लिए पांच मुख्य बिंदुओं पर जोर
पुलिस महानिदेशक ने अपराध नियंत्रण के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। इनमें 1. Prevention (रोकथाम), 2. Prediction (पूर्वानुमान), 3. Detection (पता लगाना), 4. Prosecution (अभियोजन) और 5. Perception (धारणा) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराधों की रोकथाम प्राथमिकता होनी चाहिए और अगर अपराध होते हैं, तो उनका शीघ्र पता लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अपराधियों को कानून के तहत सजा दिलाने पर भी बल दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। लेकिन इस बारे में जनता की धारणा को बदलने की आवश्यकता है।
आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों पर निर्देश
बैठक में आने वाले पर्व-त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा की व्यवस्था पर चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने सांप्रदायिक घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया। साथ ही वार्डों में संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में लीडरशिप की भूमिका निभाएं और कनीय अधिकारियों की मार्गदर्शन करें।
गंभीर अपराधों पर कार्रवाई और पुलिस की छवि
बैठक में पेशेवर अपराध जैसे लूट, डकैती, रंगदारी, अपहरण, और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया। इसके साथ ही, साइबर अपराध, भू-माफिया, शराब और बालू माफिया पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। जनता में पुलिस की छवि को सुधारने के लिए जन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाने की आवश्यकता बताई गई।
छह ‘स’ का मूलमंत्र
पुलिस महानिदेशक ने अपने पूर्व के छह ‘स’ के मूलमंत्र को दोहराते हुए कहा कि अपराधों के खिलाफ कार्रवाई के लिए समय, सार्थकता, संवेदनशीलता, शक्ति, सत्यनिष्ठा और स्पीडी ट्रायल (तीव्र न्याय प्रक्रिया) बेहद जरूरी हैं। इन सिद्धांतों के आधार पर पुलिस के हर कार्रवाई को मजबूत और प्रभावी बनाया जाएगा।
प्रभागीय कार्यों की समीक्षा
बैठक में अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों ने भी अपने प्रभागों की कार्यवाहियों का विवरण प्रस्तुत किया। अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र सिंह गंगवार ने जिलों से लंबित विभागीय कार्यवाहियों को शीघ्र निपटाने पर जोर दिया। यह बैठक आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।