बेतिया में बकरी चराने गए एक चरवाहे पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। यह घटना जिले के सहोदरा थानाक्षेत्र के बनबैरीया गांव के पास मंगलवार को घटी। मृतक की पहचान इनरदेव महतो (50) के रूप में हुई है। वहीं, घटना के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, इनरदेव महतो सुबह अपनी बकरियों को चराने के लिए खेतों की ओर गए थे। घंटों बाद इनरदेव महतो अपने घर वापस नहीं आए तो परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी। हालांकि कुछ देर बाद अचानक अपने आप चरने गईं उनकी बकरियां भागकर घर वापस आ गईं, लेकिन इनरदेव महतो नहीं आए। तब उनके परिजनों को और ज्यादा अनहोनी का अंदेशा होने लगा। जब परिजन भागे-भागे खेतों की तरफ गए तो देखा कि खेतों में खून पड़ा हुआ है। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि इनरदेव महतो को बाघ ने मार दिया है। तब परिजनों में चीत्कार मच गया। घटना की पुष्टि वन संरक्षक नेशामनी ने की है।
जानकारी के मुताबिक, वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के मांगुराहा वन क्षेत्र से निकलकर बाघ ने बकरी चरा रहे व्यक्ति को मार दिया। हमला करने के बाद बाघ 200 मीटर तक गन्ने की खेत में खींचकर शव को ले गया। फिर वहां शव को छोड़ कर बाघ जंगल की तरफ भाग गया।
इधर, घटना की सूचना पर वन पहुंची वन विभाग की टीम मामले की जांच पड़ताल कर रही है। साथ ही बाघ किस क्षेत्र में गया है, यह ट्रैकिंग करने में जुटी हुई है। वहीं, पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराने की प्रक्रिया की कार्रवाई कर रही है।
गौरतलब है कि बिहार में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एकमात्र जगह है, जहां पर्यटक बाघों को जंगल में देख सकते हैं। यह जंगल करीब 900 वर्ग किमी इलाके में फैला हुआ है, जिसमें फिलहाल 54 बाघ हैं।