श्रद्धालुओं को झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना करते राज्यपाल
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बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले में पहुंचे। यहां उन्होंने नील सेना के 496 सदस्यों को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना किया। दरअसल, राज्यपाल राम मेला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच से अपने संबोधन में कई अहम बातें कही। प्रभु राम को लेकर उन्होंने कहा कि मैं खुद बेहद भाग्यशाली हूं कि इस तरह के आयोजन में शामिल हो रहा हूं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो राम के निमंत्रण के बाद भी नहीं जाते हैं। जो अयोध्या जा रहे हैं, वे राम की कृपा वाले लोग हैं।
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर पहुंचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने यहां नील सेना द्वारा आयोजित राम मेला में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान पूर्व डीजीपी और बिहार के कथावाचक गुप्तेश्वर पांडेय, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी सहित कई लोगों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।
इस मौके पर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि यह अलौकिक पल है कि देश में राम मंदिर का निर्माण हुआ है। यह दुनिया भर के लिए एक बड़ी मिसाल है। उन्होंने मंच से कहा कि कुछ लोग राम मंदिर का निमंत्रण के मिलने के बाद भी नहीं गए थे। मैं यहां के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं। यह अनुभूति कोई आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश में राम के नाम पर गलत संदेश देते हैं और गलत होने की संभावना को जताते हैं, उनके लिए यह राम मेला और यह अयोध्या जाने की जिद एक बड़ा संदेश है। राम सबके हैं और वे किसी एक के नहीं। इसलिए दक्षिण भारत से उत्तर भारत के लोग अपने परिवार के सदस्यों का नाम भी राम के नाम पर रखते हैं और यह देश की अनोखी संस्कृति को बताता है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि यहां से जो 496 लोग अयोध्या जा रहे हैं और यह लोग पुण्य को पूरा करने वाले लोग हैं। राम की अनुभूति, अनुभव और जाने की जिद 450 किलोमीटर का संकल्प है। कुछ लोग तो अभी बिहार में आए हैं, बिहार की जनता किसी को नकारती नहीं बल्कि यहां का अतिथि बना लेती है। उन्होंने कहा कि यहां से अयोध्या जाने के लिए लोगों के हौसले को लेकर बड़ा आश्चर्य होता है। राम हमारे मन में हैं, इसलिए अयोध्या बुला रहे हैं। आज के लिए यह दिन बेहद ही अहम है।
राज्यपाल ने कहा कि आज मैं खुद सौभायाशाली हूं कि इस तरह के कार्यक्रम में आने और शामिल होने का अवसर मिला। वहां राम की लगी हुई मूर्ति हमेशा हमें प्रेरणा देती है और यह राम समरसता का अद्भुत उद्धरण है। राम के नाम पर ही देश एक साथ इकट्ठा हो सकता है। राम के नाम पर ही एकजुट है। हम सब को इकट्ठा करने वाले एक मात्र राम ही हैं और यह श्रेष्ठता राम के नाम पर आई है। यही कारण है कि आज पूरा देश इसकी अनुभूति कर रहा है।