बेतिया में हत्या मामले में न्यायालय के एक फैसले ने इलाके में सनसनी पैदा कर दी है, जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, हत्या के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एडीजे पुष्पा कुमारी ने कांड के नामजद पति-पत्नी और उसके दो बेटो को दोषी करार देते हुए चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। सभी सजायाफ्ता योगापट्टी थाना क्षेत्र के पिपरा नौरंगिया पांडेय टोला निवासी हैं।
जानकारी के मुताबिक, योगापट्टी के पिपरा नौरंगिया पांडेय टोला में जमीन के विवाद को लेकर धनंजय पांडेय की हत्या की गई थी। घटना के दिन आरोपी संजय पांडेय ने सुबह अपने चाचा धनंजय पांडेय के घर पहुंचकर धमकी दी कि पोखरा वाली जमीन हमारी है। उसे छोड़ दो अन्यथा अंजाम बुरा होगा। इसके बाद दोपहर दो बजे दिन में आरोपी हथियार लेकर धनंजय पांडेय के दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
बताया जा रहा है कि इस दौरान धनंजय पांडेय के विरोध करने पर सभी आरोपियों ने उसे लाठी और गंडासे से मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इधर, उसे बचाने आई पत्नी प्रीति पांडेय और परिवार के अन्य सदस्यों को भी उन लोगों ने मारपीट कर जख्मी कर दिया। उसके बाद धनंजय पांडेय को गंभीर स्थिति में नजदीक के अस्पताल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए बेतिया ले जाने के दौरान घायल धनंजय पांडेय की मौत हो गई।
अपर लोक अभियोजक चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि घटना पांच जनवरी वर्ष 2021 की है। योगापट्टी के पिपरा नौरंगिया पांडेय टोला में जमीन के विवाद को लेकर की गई धनंजय पांडेय की हत्या में चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में धनंजय पांडेय के चाचा मकसूदन पांडेय, चाची राघो देवी और मकसूदन पांडेय के दो बेटे संजय पांडेय तथा विजय पांडेय शामिल हैं।
मामले को लेकर मृतक की पत्नी प्रीति पांडेय ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, दस्तावेजी साक्ष्य और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई।