पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया जिला, लौरिया थाना क्षेत्र के दूबवौलिया गांव में शनिवार को भूमि विवाद उस समय हिंसक रूप ले गया, जब प्रशासन न्यायालय के आदेश के अनुसार सीमांकन और आंशिक बेदखली की कार्रवाई करने पहुंचा। देखते ही देखते सरकारी कार्रवाई तनावपूर्ण संघर्ष में बदल गई।
सरकारी टीम पर हमला, पुलिसकर्मी घायल
सूत्रों के अनुसार, 03 जनवरी 2026 को भूमि सुधार उपसमाहारता, नरकटियागंज पश्चिम चंपारण के न्यायालय से पारित आदेश बी.एल.डी.आर. वाद संख्या 109/25-26 (मनोज कुमार जायसवाल बनाम बंसराज राम) के अनुपालन में अंचल अधिकारी लौरिया को दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व में पुलिस बल दूबवौलिया गांव पहुंचा, जहां विवादित भूमि का सीमांकन कर आंशिक बेदखली के तहत कब्जा दिलाया जाना था।
लेकिन जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, बंसराज राम के पक्ष के लोग विरोध करने लगे। विरोध तेजी से उग्र हो गया और भीड़ ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और जवानों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प में अंचल अधिकारी लौरिया समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
आगजनी से बढ़ा तनाव
झड़प के दौरान उपद्रवियों ने विवादित भूमि पर बनी एक झोंपड़ी में आग लगा दी, जिससे हालात और बिगड़ गए। आगजनी की घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल फैल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुल 14 लोगों को, महिला और पुरुष, मौके से गिरफ्तार कर लिया। अंचल अधिकारी लौरिया के बयान के आधार पर बंसराज राम सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस प्रशासन ने बताया कि फिलहाल दूबवौलिया गांव में स्थिति नियंत्रण में है, शांति व्यवस्था कायम है और विधि-व्यवस्था सामान्य है। एहतियातन इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने साफ किया कि सरकारी कार्य में बाधा, हिंसा और आगजनी जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले भी हुई थी विरोध की घटना
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि भूमि विवाद प्रशासनिक कार्रवाई को हिंसा में बदल सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 17 दिसंबर को भी अंचल प्रशासन की टीम पैमाइश के लिए दूबवौलिया गई थी, लेकिन उस दिन भी विरोध के चलते टीम को वापस लौटना पड़ा था। पुलिस प्रशासन की तत्परता और सख्त कार्रवाई ने समय रहते हालात को नियंत्रण में लाकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफलता हासिल की है।