अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बना त्रिवेणी कैनाल का पुल अब जर्जर हालत में
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पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया के मैनाटांड़-इनरवा मुख्य पथ पर स्थित त्रिवेणी कैनाल का पुल अपनी बदहाली के कारण राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। अंग्रेजों के जमाने में बना यह पुल जर्जर हो चुका है, और इसके दोनों ओर की साइड वॉल वर्षों पहले ध्वस्त हो चुकी हैं। इस स्थिति में यह पुल हर दिन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है, लेकिन अब तक प्रशासन या जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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हादसे का बना रहता है खतरा
इस पुल से होकर गुजरने वाले राहगीरों के लिए हर दिन मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। साइड वॉल टूट जाने के कारण कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पुल के पास एक तीखा मोड़ भी है, जो इसे और खतरनाक बना देता है। खासकर बाहर से आने वाले लोग इस मोड़ पर वाहन का संतुलन खो देते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
तीन बड़ी दुर्घटनाएं, कई लोगों की गई जान
ग्रामीणों के अनुसार, इस पुल के साइड वॉल टूटने की वजह से पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। साल 1996 में इनरवा के हलीम मियां की पत्नी मिनतारा खातून की बस दुर्घटना में मौत हो गई थी। साल 2003 में इनरवा निवासी हमजा अंसारी के बेटे जाकिर अंसारी की बाइक दुर्घटना में जान चली गई। पांच साल पहले नेपाल के सुवर्णपुर की एक बच्ची बाइक सहित पुल से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके अलावा कई अन्य लोग भी इस पुल की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।
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आक्रोशित ग्रामीणों की जिला प्रशासन से मांग
गांव के ओम प्रकाश प्रसाद, जनार्दन प्रसाद कुशवाहा, अलाउद्दीन अंसारी, जावेद अख्तर, कन्हैया यादव और सरफराज आलम समेत कई ग्रामीणों ने इस जर्जर पुल की मरम्मत और साइड वॉल के पुनर्निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द से जल्द प्रशासन इस पर ध्यान नहीं देता, तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पुल की मरम्मत और साइड वॉल के पुनर्निर्माण की मांग की है।