मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में हुए यौन उत्पीड़न की घटना की जांच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की सीबीआई से जांच की सिफारिश की है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहले ही संसद में कह चुके हैं कि अगर बिहार सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध करेगी तो केंद्र इस पर विचार करेगा।
विपक्ष पहले से ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा था। ऐसे में इस घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी और प्रधान सचिव को जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी प्रेस नोट में सरकार की ओर से कहा गया है कि यह घटना काफी घृणित है और पुलिस पूरी मुस्तैदी से इसकी जांच कर रही है। सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने को प्रतिबद्ध है, लेकिन पूरे मामले में एक भ्रम का वातावरण बनाया जा रहा है। ऐसे में इस मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया गया है।
इधर, समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। इस्तीफे के सवाल पर वैसे वर्मा ने विधानसभा परिसर में कहा कि वो पिछड़ी जाति से आती हैं और इकलौती महिला मंत्री हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर के बाल सुरक्षा अधिकारी रवि रौशन की पत्नी ने बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। रौशन की पत्नी शिभा कुमारी ने आरोप लगाया है कि मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा बालिका गृह में आते-जाते रहते थे और उनकी भूमिका संदिग्ध है।