मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
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मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन में रतनपुर-खोटाडीह पुल के समीप पहुंच पथ और पक्की पुलिया निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को रतनपुर और डंगराचक के सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने करीब साढ़े तीन घंटे तक फोरलेन पर आवागमन बाधित रखा। जाम के कारण मुंगेर-सुलतानगंज-भागलपुर मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फोरलेन बनने के बाद भी गांव तक पहुंचना मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन निर्माण के बाद गांव तक आने-जाने के लिए समुचित पहुंच पथ की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा रतनपुर-खोटाडीह पुलिया संख्या 84015 के नीचे पक्की ढलाई नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मांग को लेकर सड़क पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण
सोमवार को रतनपुर और डंगराचक के बड़ी संख्या में ग्रामीण फोरलेन पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पहुंच पथ और पक्की पुलिया के निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। करीब साढ़े तीन घंटे तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।
एनएचएआई निदेशक पहुंचे, स्थल का किया निरीक्षण
जाम की सूचना मिलने पर एनएचएआई के निदेशक मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित स्थल का निरीक्षण किया। निदेशक ने ग्रामीणों को उनकी मांगों पर विचार करने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और फोरलेन पर यातायात सामान्य हो गया।
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समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन बनने के बाद भी गांव तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता और पुलिया की सुविधा नहीं मिलना गंभीर समस्या है। आंदोलन में ब्रह्मानंद सिंह, धर्मेंद्र कुमार, सुनील राय, शंकर कुमार, दशरथ मंडल, रविंद्र मंडल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।