बिहार के मुंगेर के सदर अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक 30 वर्षीय प्रसूता की मौत हो गई। उसके बाद मृतका के परिजनों ने विरोध में अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया गया। हालांकि सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर आक्रोशित परिजनों को शांत कराया गया। मृतक की पहचान धरहरा थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव निवासी रेलकर्मी मनीष कुमार की पत्नी सोनम कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
इधर, घटना को लेकर जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि सोनम कुमारी आठ माह की गर्भवती थी। उसका इलाज शहर के एक निजी क्लीनिक में चल रहा था। आज सुबह सोनम अपने परिजनों के साथ जांच करने के लिए निजी क्लीनिक में आई हुई थी, जिसके बाद उसका निजी अस्पताल में इलाज जारी था। इसी दौरान प्रसूता की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी और उसका ब्लड प्रेशर एकाएक अत्यधिक बढ़ गया और गैस पैन भी अधिक होने लगा। उसके बाद चिकित्सकों ने पीड़ित प्रसूता को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया।
परिजनों ने बताया कि इसके बाद हम प्रसूता सोनम को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर गए, जहां उसका इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा था। लगभग एक घंटे तक इलाज चला, जिसके बाद महिला ने सदर अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। परिजनों ने निजी क्लिनिक के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
इधर, घटना को लेकर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. के रंजन ने बताया कि महिला जब निजी अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए आई थी, उसी वक्त उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। हम लोगों के द्वारा उसका इलाज किया गया। लेकिन गैस पेन और ब्लड शुगर अत्यधिक रहने की वजह से इलाज के दौरान ही महिला की मौत हो गई।
वहीं, गोमती गोयनका अस्पताल में महिला की इलाज करने वाली महिला चिकित्सक डॉ. अलका ने बताया कि महिला जब इलाज के लिए आई थी, तभी उसका स्वास्थ्य सही नहीं था। लेकिन इलाज के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। वहीं ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और गैस पेन भी अधिक होने लगा। उसके बाद महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने महिला मौत की वजह बीपी अत्यधिक बढ़ना और गैस पेन बताई। वहीं, घटना के बाद एक आठ वर्षीय बेटी रूही कुमारी, पति मनीष कुमार सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।