लैलख स्टेशन पर तैनात RPF जवान की हत्या
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मुंगेर जिले के नया रामनगर थाना क्षेत्र स्थित महमदा गांव निवासी और पूर्व रेलवे के मालदा डिवीजन अंतर्गत भागलपुर–साहेबगंज रेलखंड के लैलख स्टेशन पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में निर्मम हत्या कर दी गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों के अनुसार धर्मेंद्र कुमार 25 मई की शाम से लापता थे। उस रात करीब 8 बजे उन्होंने अपनी पत्नी रानी देवी से वीडियो कॉल पर आखिरी बार बात की थी। उन्होंने पत्नी को ड्यूटी पर जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया।
दो दिनों तक होती रही तलाश
26 मई को जब धर्मेंद्र कुमार से संपर्क नहीं हो सका तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए आरपीएफ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। लगातार दो दिनों की खोजबीन के बाद 27 मई की शाम लैलख स्टेशन से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर रेल पटरी के किनारे एक तालाब से उनका शव बरामद किया गया।
नग्न अवस्था में मिला शव, शरीर पर मिले गहरे जख्म
परिजनों का आरोप है कि शव नग्न अवस्था में था और शरीर व गले पर कई गहरे जख्म के निशान मिले हैं। इससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अज्ञात अपराधियों ने पहले उनका अपहरण किया और फिर बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। मृतक की वर्दी, मोबाइल फोन और सोने की अंगूठी भी गायब बताई जा रही है। ऐसे में लूटपाट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
चांदी की अंगूठी से हुई पहचान
शव की हालत खराब होने के कारण पहचान में काफी मुश्किल हुई। बाद में परिजनों ने चांदी की अंगूठी के आधार पर शव की पहचान धर्मेंद्र कुमार के रूप में की। भागलपुर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव गांव पहुंचते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने धर्मेंद्र कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।