साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है
- फोटो : अमर उजाला
खगड़िया जिले की पुलिस ने साइबर ठग गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसका नेटवर्क देश के कई राज्यों से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी के पास से आठ चेकबुक, चार बैंक पासबुक, चार एटीएम कार्ड, 10 स्कैनर सहित चार आधार कार्ड, एक पैन कार्ड सहित एक मोबाइल भी जब्त किया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार साइबर ठग खगड़िया में लोगों को प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल देश के अन्य राज्यों में लेन-देन के लिए करता था, जो काफी दिनों से इस गोरखधंधे में शामिल था।
कपड़ा दुकान की आड़ में करता था गोरखधंधा
खगड़िया साइबर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि पसराहा थाना क्षेत्र के सोनडीहा गांव निवासी सुरेश प्रसाद के बेटे राहुल कुमार की शिकायत पर इस साइबर ठग गिरोह के सदस्य की गिरफ्तारी की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पसराहा थाना क्षेत्र के सोनडीहा गांव निवासी विजेंद्र सिंह का बेटा मंजेश कुमार अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का सदस्य है। उसने अपने ही गांव के राहुल कुमार की पत्नी के बैंक खाते से करीब 75 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन किया था।
थाना अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में राहुल कुमार द्वारा उनके थाने में आवेदन देकर सूचना दी गई थी। उसमें कहा गया कि मंजेश कुमार ने उनको विश्वास में लेकर उनकी पत्नी का बैंक पासबुक और चेकबुक अपने पास रखा था। उसके जरिए मंजेश द्वारा करीब 75 लाख रुपये का लेनदेन किया गया। थाना में दिए आवेदन में पीड़ित ने कहा कि उनको इस बात की जानकारी बैंक से मिली थी। उसके बाद साइबर थाने में आवेदन दिया गया। पुलिस की मानें तो गिरफ्तार मंजेश कुमार कपड़ा दुकान चलाता है। जो अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का सदस्य है।
दिल्ली में बैठा है गिरोह का मास्टरमाइंड
पुलिस ने बताया कि मंजेश अपने गांव और आसपास रहने वालों के बैंक खाता खुलवाकर उसे अपने सरगना को भेजता था। उसके एवज में वह खाताधारक को चार से पांच हजार रुपये का भुगतान करता था। पुलिस के अनुसार ऐसे बैंक खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के लिए किया जाता था। बताया जा रहा है कि पुलिस गिरफ्त में आए इस ठग ने खगड़िया जिले के महेशखुंट निवासी दीपक कुमार के नाम का खुलासा किया है। जो इस नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक इस ठगी के जाल का सरगना दीपक दिल्ली से इसको निर्देश देता था, जिसकी तलाश की जा रही है।