जमुई के बरहट थानाक्षेत्र के गुगुलडीह गांव में शनिवार रात काली पूजा विसर्जन के बाद आयोजित मेले में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां ठेला पर चाट-समोसा बेच रहे युवक की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गुगुलडीह निवासी रंजीत मालाकार (35) के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार सुबह शव को रतनपुर-लक्ष्मीपुर मुख्य मार्ग स्थित गुगुलडीह चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने इस घटना के लिए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बिजली का तार टूटकर ठेले पर गिरा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को रंजीत मालाकार काली पूजा मेला में अपने ठेले पर चाट-समोसा बेच रहा था। काली प्रतिमा के विसर्जन के बाद पुलिस ने मुख्य मार्ग से भीड़ के बीच ट्रक को पार करवाने की कोशिश की, जिससे बिजली का एक तार टूटकर रंजीत के ठेले पर गिर गया। करंट लगते ही रंजीत की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे से मेले में हड़कंप मच गया और रंजीत के परिजन सदमे में डूब गए।
ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर जाम की सड़क
रविवार सुबह मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने रतनपुर-लक्ष्मीपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। फिर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया।
पुलिस के हस्तक्षेप से हटा जाम
जाम की सूचना पर बरहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। तीन घंटे के समझाने के बाद पुलिस ने सड़क जाम को हटाने में सफलता पाई। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और इस बात की जांच करेगी कि बिजली के तारों को लेकर सुरक्षा के उपाय क्यों नहीं किए गए थे।
परिजनों ने की मुआवजे की मांग
परिजनों ने इस घटना के लिए पुलिस प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए थी ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।