मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर का कार्यक्रम कराने के नाम पर 2.40 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में नावकोठी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब दो वर्षों से फरार चल रहे नामजद आरोपित संतोष कुमार को पुलिस ने मधेपुरा जिले के बिहारीगंज में आयोजित देवी जागरण कार्यक्रम से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद कथित ठगी से जुड़े दूसरे मामलों को लेकर भी पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये के कथित लेन-देन से जुड़े आरोपों की जानकारी भी सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान पोखरिया वार्ड संख्या-35 निवासी स्वर्गीय राम बालक पोद्दार के पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है। नावकोठी थानाध्यक्ष मो. फिरदौस ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपित से पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा रहा है।
कार्यक्रम के नाम पर लिए 2.40 लाख, लौटाए सिर्फ 30 हजार
मामले की शुरुआत पहसारा निवासी विभाकर कुमार सिंह की शिकायत से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने 10 अगस्त 2024 को नावकोठी थाने में कांड संख्या 182/24 दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संतोष कुमार ने बसेरा मंच के माध्यम से पहसारा में 25 अगस्त को मैथिली ठाकुर का कार्यक्रम आयोजित कराने का भरोसा दिया था।
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कार्यक्रम के आयोजन के लिए विभाकर कुमार सिंह से दो लाख 40 हजार रुपये अग्रिम राशि के रूप में लिए गए। लेकिन बाद में अचानक कार्यक्रम नहीं होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। आरोप है कि लगातार दबाव बनाने पर संतोष कुमार ने 30 हजार रुपये लौटा दिए, लेकिन शेष दो लाख 10 हजार रुपये वापस नहीं किए। काफी इंतजार और प्रयास के बाद भी रकम नहीं मिलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद से पुलिस नामजद आरोपित की तलाश कर रही थी।
19 लाख और 28 लाख की ठगी के आरोप भी जांच के घेरे में
इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कथित आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े अन्य आरोप भी आए हैं। थानाध्यक्ष मो. फिरदौस के अनुसार, जमीन दिलाने के नाम पर एक पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) टीके ठाकुर से 19 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला भी जांच के दायरे में है। इसके अलावा बलिया के मनसेरपुर निवासी एक शिक्षक समेत अन्य लोगों से 28 लाख रुपये की कथित ठगी के आरोपों की जानकारी भी पुलिस को मिली है। इन आरोपों के संबंध में पुलिस शिकायतों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, इन मामलों में आरोपों की पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
गिरफ्तारी के बाद अब खुलेंगे कई राज?
करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपित की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अब पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कार्यक्रम आयोजन के नाम पर ली गई रकम का क्या हुआ और अन्य कथित आर्थिक लेन-देन की वास्तविकता क्या है।
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