शेखपुरा में डायरिया ने फिर से दस्तक दी है, जिससे लोगों के मन में तरह-तरह की आशंका जन्म लेने लगी है। ताजा मामला बरबीघा प्रखंड अंतर्गत सर्वा पंचायत के मिर्जापुर गांव का है। जहां दस्त से पीड़ित कई व्यक्ति आक्रांत हैं, जिस वजह लोगों में दहशत व्याप्त है। वहीं, स्थानीय आशा एवं मुखिया विनोद कुमार के द्वारा सूचना दिए जाने के पश्चात रेफरल अस्पताल बरबीघा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फैसल अरशद के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम गांव पहुंची। जहां सभी का इलाज शुरू कर दिया है।
जानकारी देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फैसल अरशद ने बताया कि मिर्ज़ापुर गांव में करीब 10 लोग डायरिया की चपेट में आए हैं, जिसे एंटीबायोटिक दवाओं के साथ सलाइन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूषित भोजन खाने एवं चारों तरफ गंदगी फैले रहने के कारण सभी लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। हालांकि, सभी लोगों का इलाज चल रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज का काफी अभाव होता है और लोगों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा भी नहीं मिलता। ऐसे में ग्रामीण स्थानीय स्तर पर इलाज करवाते हैं। फिर स्थिति गंभीर होने पर शेखपुरा की ओर रुख करते हैं। तब तक काफी देर हो चुकी होती है। ऐसे में लोग उचित चिकित्सा के अभाव में अपनी जान गवां देते हैं।
कीचड़ में घुसकर गांव पहुंची मेडिकल टीम में शामिल रेफरल अस्पताल बरबीघा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फैसल अरशद, बीसीएम इंदु कुमारी, मैनेजर त्रिलोकी पांडेय ने बताया कि मिर्ज़ापुर गांव की स्थिति ख़राब रहने की वजह से उक्त सभी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों को कीचड़ में ही प्रवेश कर पीड़ितों के पास पहुंचा और उसका इलाज शुरू किया। उन्होंने बताया कि उक्त सभी लोग दूषित भोजन करने से बीमार पड़े हैं। साथ ही आसपास फैले गंदगी भी डायरिया फैलने का मुख्य कारण है। मेडिकल टीम ने पीड़ित एवं उनके परिजनों को कई निर्देश भी दिए।
डायरिया रोग होने के कारण
- दूषित पानी पीने के कारण
- पेट में संक्रमण फैलने के कारण
- वायरल इन्फेक्शन होने के कारण
- शरीर में पानी की कमी के कारण
- व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर होने के कारण
- दवाइयों के रिएक्शन के कारण
- रोटावायरस, नोरोवायरस, इन्फेक्शन के कारण यह संक्रमण छोटे बच्चों में होने की संभावना रहती है
- एडीनो वायरस नामक इन्फेक्शन किसी को भी हो सकता है। यह संक्रमण होने के कारण दस्त शुरू हो जाता है
डायरिया रोग के लक्षण
- मल पतला होना
- बुखार आना
- बार-बार मल आने की आशंका रहना
- पेट के निचले भाग में अधिक पीड़ा होना
- मलती एवं उल्टी आना
- पेट में ऐंठन महसूस करना
- खनिज लवणों के अधिक हानि होने से कामा उत्पन्न होता है। इसमें कभी-कभी व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है
डायरिया से बचाव को लेकर घरेलू उपाय
डायरिया में डिहाइड्रेशन होना आम बात है। क्योंकि शरीर से लगातार मल पानी के रूप में बाहर निकलता है, जिस कारण सोडियम और क्लोराइड की कमी हो सकती है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए आधा चम्मच नमक, एक कप पानी और छह चम्मच चीनी मिलाकर पीएं। ज्यादा से ज्यादा चीनी नमक वाला पानी पीएं। साथ ही सही खाना खाने से तुरंत आराम मिलता है। डायरिया के दौरान कम फाइबर वाला खाना खाएं। खिचड़ी, दलिया, उबला हुआ आलू, चिकन सूप जैसी चीजें खाएं, जो आसानी से पच जाए। इसके अलावा, आप गाजर और केला आदि भी खा सकते हैं।