मौसम विभाग चक्रवाती तूफान दाना को लेकर जब से अलर्ट जारी किया है, तब से किसानों वर्ग काफी चिंतित नजर आने लगे हैं। हुआ भी वही जिसका डर किसानों को था। दरअसल, जमुई जिले में चक्रवाती तूफान दाना का दस्तक देने से पहले बुधवार देर रात जमकर हुई बारिश ने किसानों के फसलों पर आफत बनाकर बरसी। तेज बारिश होने और हवा से जिले भर में कई एकड़ धान की फसल पानी में गिर गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
इस दौरान सबसे अधिक नुकसान सदर प्रखंड के कुन्द्री सनकुरहा पंचायत के खड़सारी गांव में हुआ। जहां लगभग 50 एकड़ से ज्यादा खेत में लगे धान की फसल पानी में गिर गया, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने की चिंता सता रही है। खड़सारी गांव के किसान मुकुल कुमार, राजेश कुमार, राकेश कुमार, विरंची महतो, अमीर सिंह, प्रभाकर कुमार, श्रवण महतो पंकज महतो, शमशेर सिंह समेत दर्जन भर से अधिक किसानों ने बताया कि बुधवार की देर रात हुई मूसलाधार बारिश से खड़सारी गांव स्थित बहियार के 50 एकड़ में लगे धान का फसल पूरी तरह पानी में गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई है। जबकि बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवर्ती तूफान दाना का आना अभी बाकी है।
किसानों ने बताया कि एक तो सदर प्रखंड के खड़गोर मंझवे पथ से सीताराम पुर जाने वाले ग्रामीण पथ पाइन को भरका बनाया गया और पानी का निकास खेत में ही छोड़ दिया गया है, जिसमें नहर का सारा पानी खेत होकर ही जाता है। किसानों ने बताया कि अब वहीं धान खेत में पक कर रेडी होने वाली है। छठ पूजा के बाद धान कटाई का समय है। लेकिन इस समय नहर का पानी और तूफान का कहर दोनों एक साथ किसानों पर आफत बनकर बरस रही है।
किसानों का कहना है कि अगर नहर का पानी और तूफान ज्यादा कहर बरसायेगा तो किसानों की कमर टूट जाएगी। पूरे बहियार में लगे धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। कई किसानों का कहना है, बड़ी मुश्किल से इस बार धान की खेती में अच्छी पैदावार होने की उमीद जगी है, जिससे इस बार किसानों को अच्छा मुनाफा मिलने का उमीद था। लेकिन अब दाना तूफान की दस्तक देने से पहले तेज बारिश तथा हवा चलने से तैयार फसल खेत में ही सिमट कर रह जाएगी। किसानों ने बताया कि यहां के दर्जनों किसानों के लिए एकमात्र आमदनी का रास्ता धान की खेती ही है। जहां से पूरे साल का परिवार का भरण पोषण होता है। इसलिए जिला प्रशासन से मांग है कि यहां के किसानों उचित मुआवजा दिया जाए।