पटना से मजदूरी कर जमुई लौट रहे परिवार के दो बच्चों की ट्रेन से गिरने से मौत हो गई। जमुई स्टेशन पहुंचने से पहले देवाचक के समीप हादसा हुआ। मृतकों के शव रेलवे ट्रैक के पास मिले। घटना के बाद मां सदमे में हैं, जबकि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
गेट के पास खड़ी थी मां, तभी हुआ दर्दनाक हादसा
जमुई में सोमवार को हुए दर्दनाक रेल हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों बच्चे अपनी मां के साथ पटना से जमुई लौट रहे थे। किऊल-जसीडीह रेलखंड पर जमुई स्टेशन पहुंचने से पहले देवाचक के समीप ट्रेन के गेट से गिरने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद मृत बच्चों की मां सदमे में है और वह कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं थी।
9 साल का विशाल और 16 साल की करिश्मा ने गंवाई जान
मृतकों की पहचान देवाचक निवासी गणेश रविदास के बेटे विशाल और बेटी करिश्मा कुमारी (16) के रूप में हुई है। बताया गया कि सीमा देवी अपने दोनों बच्चों के साथ मजदूरी के सिलसिले में पटना गई थीं। सोमवार को वह बच्चों के साथ ट्रेन से वापस जमुई लौट रही थीं। ट्रेन के जमुई स्टेशन पहुंचने से पहले वह दोनों बच्चों के साथ गेट के समीप खड़ी थीं। इसी दौरान ट्रेन की तेज रफ्तार के कारण दोनों बच्चे अचानक बाहर गिर गए।
ट्रैक के पास 15 फीट की दूरी पर मिले दोनों शव
हादसे के बाद ट्रेन के जमुई स्टेशन पहुंचने पर घटना की जानकारी परिजनों और स्थानीय लोगों को हुई। स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलयपुर थाना पुलिस और रेल पुलिस को सूचना दी। बताया गया कि देवाचक इलाके में पोल संख्या 398/35 और 333/34 के समीप रेलवे ट्रैक के पास दोनों बच्चों के शव करीब 15 फीट की दूरी पर पड़े मिले। सूचना मिलने के बाद एसआई स्वाति कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेज दिया। मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सुमन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
एक साथ बेटे-बेटी को खोया, परिवार में मचा कोहराम
मृत बच्चों की मामी ने बताया कि सीमा देवी अपने दोनों बच्चों के साथ मजदूरी करने पटना गई थीं। देवाचक सीमा देवी का मायका है। मृत बच्चों के पिता गणेश रविदास फिलहाल बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं। परिवार मूल रूप से खैरा थाना क्षेत्र के डुमरकोला गांव का रहने वाला है।
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ससुराल में बेटा नहीं होने के कारण गणेश रविदास अपने ससुराल में ही रहने लगे थे। परिवार के लिए यह हादसा बेहद पीड़ादायक है। एक साथ बेटे और बेटी को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।