‘मुख्यमंत्री की यात्रा फिजूलखर्ची’
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की यात्रा को फिजूलखर्ची बताते हुए कहा कि 200-250 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, जिसका हिसाब जनता को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस यात्रा के जरिए अधिकारियों को ‘लूट की छूट’ दी गई है। तेजस्वी ने केंद्र से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की भी मांग की।
परीक्षा लीक और आरक्षण पर भाजपा को घेरा
तेजस्वी यादव ने बिहार में परीक्षाओं के लगातार लीक होने पर चिंता जताई और कहा कि सरकार इन मुद्दों पर जवाबदेह नहीं है। उन्होंने भाजपा पर जातिगत गणना और आरक्षण विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, मुख्यमंत्री केवल ‘मुखौटा’ हैं और अधिकारी ही सरकार चला रहे हैं। मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव, विधान पार्षद अजय कुमार सिंह समेत कई राजद कार्यकर्ता उपस्थित रहे।