जमुई के सोनो थाना क्षेत्र के ठाकुर अहरा गांव में रात में खटिया पर सो रही दो सगी बहनों को जहरीले करैत सांप ने डंस लिया। अस्पताल ले जाने के दौरान आठ वर्षीय प्रियांशु कुमारी की मौत हो गई, जबकि उसकी 11 वर्षीय बड़ी बहन प्रियंका कुमारी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
जहरीले सांप के डंसने से बच्ची की मौत
जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के ठाकुर अहरा गांव में सोमवार की रात जहरीले सांप के डंसने से आठ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बहन का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। मृत बच्ची की पहचान गांव निवासी अनिल यादव की बेटी प्रियांशु कुमारी (8) के रूप में हुई है। वहीं, उसकी बड़ी बहन प्रियंका कुमारी (11) की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
खटिया के सहारे बिस्तर तक पहुंचा करैत
परिजनों के अनुसार, दोनों बहनें रात में घर के अंदर खटिया पर सो रही थीं। इसी दौरान खटिया के सहारे एक करैत सांप बिस्तर तक पहुंच गया और दोनों बहनों को डंस लिया। कुछ समय बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर निकले। सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही छोटी बहन प्रियांशु ने दम तोड़ दिया। बड़ी बहन प्रियंका का सदर अस्पताल में उपचार जारी है।
बच्ची की मौत से परिवार में मचा कोहराम
बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बारिश के मौसम में जिले के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश का खतरा बढ़ गया है। खेतों और सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण जहरीले सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों में घुस रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिले में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की सांप के डंसने से मौत हो चुकी है।
सर्पदंश पर झाड़-फूंक में समय न गंवाने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी ऐसे सरकारी अस्पताल ले जाने की अपील की है, जहां एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध हो। झाड़-फूंक या अंधविश्वास में समय गंवाने से मरीज की जान को खतरा बढ़ सकता है।
बरसात में घरों में छिप सकते हैं जहरीले सांप
विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात में करैत और कोबरा जैसे जहरीले सांप घरों के फर्श, बिस्तर या अन्य सूखे स्थानों में छिप सकते हैं। ऐसे में जमीन पर सोने से बचना चाहिए और चौकी या खटिया पर मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए। घर के आसपास झाड़ियों और कबाड़ की नियमित सफाई करने के साथ रात में पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।