बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर कथित अभद्र व्यवहार और छेड़खानी किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अब तक तीन नाबालिग आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपितों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर एसआईटी का गठन किया गया है।
कोचिंग से लौट रहे थे छात्र-छात्रा, रास्ते में रोकी स्कूटी
पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र-छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उनकी स्कूटी रोक ली और दोनों को घेर लिया। आरोप है कि इसके बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और छेड़खानी की गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। बाद में घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गए। वीडियो पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई और इसमें शामिल लोगों की पहचान की प्रक्रिया तेज की गई।
तीन नाबालिग गिरफ्तार, दो अन्य की पहचान
पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच के बाद तीन नाबालिग आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो अन्य आरोपितों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मामले में जमुई थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज की गई है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। मामले की जांच के लिए एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित की गई है। टीम घटना से जुड़े सभी तथ्यों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पीड़िता की पहचान उजागर करने पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के दौरान नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने के मामले को भी गंभीरता से लिया है। पुलिस के अनुसार, साइबर थाना में कांड संख्या 45/26 दर्ज की गई है और करीब 120 सोशल मीडिया यूजर्स के प्रोफाइल को प्राथमिकी में शामिल किया गया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री के प्रसारण को लेकर पॉक्सो एक्ट की धारा 23, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसपी की अपील- वीडियो डाउनलोड कर शेयर न करें
एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को डाउनलोड कर दोबारा पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड न करें। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने और जांच में पुलिस का सहयोग करने की भी अपील की है।
इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इलाके के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने घटना की निंदा करते हुए आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। युवाओं के एक वर्ग ने भी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच जारी है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।