बिहार के जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित लालमटिया खादीग्राम रोड पर बने जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार को एक छात्र की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान फुलवरिया गांव निवासी सरकारी शिक्षक तारकेश्वर प्रसाद के 14 वर्षीय पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा 10 का छात्र था। जानकारी के अनुसार, छात्र स्कूल परिसर में अचेत अवस्था में मिला। स्कूल प्रशासन ने उसे तुरंत जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने जमुई के कचहरी चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्कूल के शिक्षक अजय कुमार ने बताया कि आनंद पढ़ाई में काफी तेज छात्र था और छठी कक्षा से ही नवोदय विद्यालय में पढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि वह पिछले वर्ष इलाज के लिए बाहर गया था और हाल ही में दोबारा स्कूल लौटा था।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
स्कूल के प्राचार्य सुजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और शुरुआती जानकारी के अनुसार छात्र कुछ समय से अकेला रह रहा था। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। सूचना मिलते ही एसडीपीओ सतीश सुमन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है।
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स्कूल व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूल की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इसी स्कूल में कुछ समय पहले रैगिंग का मामला भी सामने आया था, जिससे अभिभावकों में पहले से ही नाराजगी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय में अनुशासन और निगरानी की कमी है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।