Bihar Election: जमुई के चारों विधानसभा में इस बार रिकॉर्ड मत डाले गए। जिससे उमीदवारों के मन में संयश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। चुनाव परिणाम आने तक इन उम्मीदवारों की नजर मतदान प्रतिशत और बूथवार वोटिंग पैटर्न पर टिकी रहेगी। वोट प्रतिशत बढ़ने से लोगों के मन में भी अलग अलग सवाले सामने आने लगी है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में मंगलवार को जमुई जिले की सभी चार विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और निर्धारित समय शाम 5 बजे तक जारी रहा। शुरुआती कुछ केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण मतदान की प्रक्रिया थोड़ा विलंब से शुरू हुई, हालांकि स्थिति जल्द ठीक कर ली गई और मतदाताओं में पूरे दिन उत्साह बना रहा।
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जिले की चार विधानसभा सीटों जमुई, सिकंदरा, झाझा और चकाई में कुल 69.34 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया। इन चारों सीटों पर कुल 41 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला 12 लाख 72 हजार 617 मतदाता करेंगे। चुनाव परिणाम आने तक इन उम्मीदवारों की नजर मतदान प्रतिशत और बूथवार वोटिंग पैटर्न पर टिकी रहेगी।
जिले में कुल 1595 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से 1025 को संवेदनशील घोषित किया गया था। इन बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए सभी बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की, जिससे कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी होती रही।
चारों विधानसभा में मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा। सिकंदरा में 63.93 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जबकि जमुई में 65.57 प्रतिशत वोट डाले गए। झाझा में उत्साह सबसे अधिक देखने को मिला, जहां 70.76 प्रतिशत नागरिकों ने भागीदारी निभाई। चकाई में भी मजबूत मतदान हुआ और यहां 70.54 प्रतिशत मतदाता घरों से बाहर निकले।
बेहतर सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता के कारण दिनभर मतदान शांतिपूर्ण रहा। कई स्थानों पर मतदाता सुबह से ही कतारों में दिखे और युवाओं तथा महिलाओं की भागीदारी भी प्रभावी रही। मतदान कर्मियों ने भी गर्मी और भीड़भाड़ के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाई। जिला निवार्चन पदाधिकारी एवं डीएम नवीन कुमार ने बताया कि मतदान के दौरान किसी बड़ी गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी कराई गई। अब सभी की निगाहें नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि किसके पक्ष में जनता ने अपनी सहमति दी है।