पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाले गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने छापेमारी के दौरान मिली नकद राशि में हेराफेरी करने वाले चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त सिपाहियों में संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश शामिल हैं। विभागीय जांच में आचरण भ्रष्ट पाए जाने और सेवा नियमावली का घोर उल्लंघन साबित होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने यह कड़ा कदम उठाया है।
यह पूरा मामला गोविंदगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रढ़िया गांव का है। पुलिस टीम ने ठगी के आरोपी चंदन सिंह के ठिकाने पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी कार्रवाई के दौरान पुलिस दल ने मौके से 4.15 लाख रुपये नकद, सोने जैसे दिखने वाले 10 बिस्किट और एक सोने की चेन बरामद की थी। इस छापेमारी दल में ये चारों आरोपी सिपाही भी तैनात थे। बरामद की गई कुल नकद राशि में से चारों सिपाहियों की नीयत बिगड़ गई और उन्होंने मिली रकम का बड़ा हिस्सा आपस में बांटने की साजिश रची।
जब्त रकम आपस में बांटने का आरोप
छापेमारी के दौरान मिली 4.15 लाख रुपये की कुल राशि में से चारों सिपाहियों ने मिलीभगत करके 3 लाख रुपये चुपचाप निकाल लिए और उस रकम को आपस में बांट लिया। इसके बाद आरोपियों ने केवल 1.15 लाख रुपये ही सरकारी रिकॉर्ड में जमा कराए। मामला संदिग्ध लगने पर जब वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया। पूछताछ के दौरान सच सामने आने के बाद पुलिस ने सिपाहियों द्वारा छिपाई गई पूरी रकम बरामद कर ली।
जांच में दोष सिद्ध होने पर हुई बर्खास्तगी
मामले का खुलासा होने पर चारों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस आपराधिक मामले के साथ ही विभागीय स्तर पर भी मामले की गहन जांच शुरू की गई। जांच में चारों पुलिसकर्मियों का आचरण भ्रष्ट पाया गया। सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन और पुलिस बल की छवि धूमिल करने के आरोप सिद्ध होने पर पुलिस अधीक्षक ने चारों सिपाहियों को सेवा से बाहर करने का आदेश जारी कर दिया।