बिहार चुनावों को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी तीनों चरणों में महफिल लूटने की पूरी तैयारी कर ली है। एक लंबे विश्राम के बाद मोदी एक बार फिर बिहार में रैलियों की झड़ी लगाने वाले हैं जिसकी शुरूआत होगी रविवार से।
मोदी की ये रैलियां इसलिए भी महत्वपूर्ण होने वाली हैं कि विधानसभा की बाकी बची 162 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों का भाग्य इन रैलियों के बाद ही तय होगा।
वहीं विपक्षियों की निगाह इन सीटों पर लगी होंगी क्योंकि कुछ दिन पहले तक बिहार में मोदी की आगामी रैलियों को रद करने का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा था।
लालू और नीतीश इसे भाजपा की हार बताते-बताते नहीं थक रहे थे तो मीडिया में भी बात की चर्चा थी कि बिहार में अपेक्षित परिणाम मिलते न देख भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा बचाने की कवायद शुरू कर दी है।
मोदी की रैली रद करने से उठने लगी थी उंगलियां
हालांकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि दूसरे चरण के चुनाव के बाद त्यौहारों के कारण 12 दिन की छुट्टी होने के कारण प्रधानमंत्री की रैलियों की तारीख बदली गई है रद नहीं किया गया।
ऐसे में तीसरा चरण आते आते भाजपा ने एक बार फिर दोबारा हमलावर रुख अख्तियार कर लिया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नौ दिन के अंतराल पर मोदी की कुल 17 रैलियां रखी गई हैं। जो मात्र छह दिनों में संपन्न होंगी।
भाजपा की रणनीति आखिरी दौर में पूरा दम लगाने की है जिससे लड़ाई पूरी तरह आर पार की हो सके। भाजपा नेता और केन्द्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने तो बकायदा मोदी की रैलियों का कार्यक्रम पेश करते हुए लालू और नीतीश पर तंज कस दिया है। कहा, कल से लालू और नीतीश नमो की रैलियां और प्रेस कान्फ्रेंस देखने में व्यस्त रहेंगे।
ये होगा मोदी की रैलियों का कार्यक्रम
25 अक्टूबर
मढौरा, छपरा सुबह नौ बजे
हाजीपुर सुबह 11 बजे
नालंदा दोपहर 12.30 बजे
पटना दोपहर दो बजे
26 अक्टूबर
बक्सर सुबह दस बजे
सिवान सुबह 11.30 बजे
27 अक्टूबर
सीतामढ़ी सुबह दस बजे
बेतिया सुबह 11.30 बजे
मोतिहारी दोपहर 1.15 बजे
30 अक्टूबर
गोपालगंज सुबह 9 बजे
मुजफ्फरपुर सुबह 10.30 बजे
1 नवंबर
मधुबनी सुबह दस बजे
मधेपुरा सुबह 11.30 बजे
कटिहार दोपहर 1 बजे
2 नवंबर
पूर्णिया सुबह दस बजे
फारबिसगंज सुबह 11.30 बजे
दरभंगा दोपहर 1 बजे