बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तांत्रिक की शरण में जाने के मुद्दे पर विपक्षियों ने अब उन्हें निशाने पर ले लिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तो इसे बिहार की कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए नीतीश कुमार पर तंज कसा कि जब हालात बिगड़ रहे हों तो तंत्र मंत्र से काम नहीं चलता।
तांत्रिक से मुलाकात के दौरान लालू यादव की बुराई करने पर भी जेटली ने निशाना साध दिया कहा नीतीश अपने सहयोगियों को भी नहीं बख्श रहे उनके खिलाफ भी साजिश कर रहे हैं।
पटना में प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ने दाल की बढ़ती कीमतों का ठीकरा राज्य सरकारों पर ही फोड़ दिया। जेटली का कहना था कि दाल की कीमतें बढ़ने के कई कारण हैं, दुनियाभर में दाल की पैदावार कम हुई है इसलिए कीमतें बढ़ गई।
जमाखोरों की वजह से बढ़ी दाल की कीमतें
लेकिन इसका बड़ा कारण दाल की जमाखोरी भी रहा। जमाखोरों के कारण भी दाल के दाम अचानक आसामान छूने लगे थे, लेकिन जब केन्द्र ने सख्ती की तो राज्यों ने जमाखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जिसके बाद देशभर में अभी तक 50 हजार कुंटल दाल बरामद की जा चुकी है।
इस मामले में बिहार सरकार को भी लपेटते हुए जेटली ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने राज्य में जमाखोरों के खिलाफ अभियान चलाएं तो यहां भी दाल की कीमतें नियंत्रण में आ सकती हैं लेकिन वह जानबूझकर ऐसा नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि केन्द्र में भाजपा की सरकार बनाने के बाद महंगाई काफी कम हुई है। डेढ़ साल पहले जहां मुद्रास्फीती 12 फीसदी थी वह अब घटकर 3-4 फीसदी तक पहुंच चुकी है।
वीके सिंह के बयान पर दी सफाई
शहीदों का अपमान करने वाले पूर्व जदयू नेता भीम सिंह को भाजपा में शामिल करने की बात पर जेटली ने सफाई दी कि वो इसके लिए माफी मांग चुके हैं इसलिए मामला ही खत्म हो जाता है। कुछ ऐसी ही सफाई उनकी जनरल वीके सिंह के कुत्ते वाले बयान पर भी रही।
पत्रकारों द्वारा यह सवाल उठाने पर कि हालिया घटनाओं के बाद बिहार में भाजपा बैकफुट पर आती दिख रही है, के जवाब में जेटली ने कहा कि भाजपा पूरी तरह फ्रंटफुट है और अगले कुछ दिनों में आपको इसका एहसास भी हो जाएगा।
वित्त मंत्री ने दावा किया कि विकास और सुशासन के नाम पर भाजपा बिहार में सरकार बनाकर दिखाएगी।