बिहार में मिड-डे मील खाने से हुई बच्चों की मौत के मामले ने अब सियासी रंग लेना शुरू कर दिया है।
राज्य के शिक्षा मंत्री पी के शाही ने घटना पर बयान देते हुए कहा कि इसके पीछे एक बड़े राजनीतिक दल की साजिश है।
शाही ने कहा कि जिस स्कूल के बच्चों की मौत हुई है, उस स्कूल की टीचर मीना कुमारी ही प्रभारी प्रिंसिपल हैं। टीचर के पति अरुण राय की किराना दुकान है, जहां से मिड-डे मील का सामान खरीदा गया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि टीचर के पति के एक राजनीतिक दल से संबंध भी है। राजनीतिक दबाव के तहत ही उन्हें स्कूल में प्रिंसिपल नियुक्त किया गया था।
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उन्होंने कहा, 'जांच में डॉक्टरों को मृत बच्चों के शरीर में ऑर्गेनिक फॉसफोरस मिला है। बच्चों का खाना बनाने के लिए इस्तेमाल तेल में खराबी पाई गई है। ऐसा लगता है कि लगता है कि बच्चों के खाने में जहर मिलाया गया था।'
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शाही ने बताया कि बच्चों का खाना बनाने वाले रसोइया ने जब बर्तन में तेल डाला, तो उसमें धुआं निकला था। इस पर बच्चों ने प्रिंसिपल से इस बारे में शिकायत की, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि घटना के बाद से टीचर, उसका पति और उनके सभी रिश्तेदार फरार हैं। इससे घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश का शक गहरा रहा है।