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भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे मांझी के नेता

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पाटी हिंदुस्तान अवाम मोर्चा यानी 'हम' की ओर से भाजपा को भेजे गए 5 नामों में एक नाम नीतिश मिश्रा का भी है। नीतिश मिश्रा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे और पूर्व मंत्री हैं।
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जेडी-यू से अलग होकर बनी मांझी की पार्टी एनडीए गठबंधन में शामिल होकर बिहार विधान सभा चुनाव में 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन उनके पांच सदस्य बीजेपी के चुनाव चिंह पर चुनाव लड़ेंगे।

गठबंधन की रणनीति, पासवान की पार्टी से टकराव आदि मुद्दों पर बीबीसी ने नीतिश मिश्रा से बात की।

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जीतन राम मांझी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच सीटों के तालमेल की बात हुई थी, और तय हुआ था कि 'हम' 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा ये भी तय हुआ था कि मांझी भाजपा के साथ सहमति के आधार पर 5 नामों का प्रस्ताव करेंगे। इस बात पर भी सहमति बनी थी कि ये सभी 5 लोग भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे।
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भाजपा के चुनाव चिह्न पर 'हम' के चुनाव लड़ने से क्या बाद में राजनीतिक अड़चन पैदा नहीं होगी?

स्वाभाविक है, चुनाव के बाद की संवैधानिक स्थिति में मांझी की पार्टी भारतीय जनता पार्टी ही कहलाएगी। लेकिन जब आप गठबंधन में होते हैं तो क्योंकि सीमित

संख्या में अधिक से अधिक लोगों को चुनाव लड़ाना चाहते हो इसलिए बहुत बातें संभव नहीं हो पाती हैं। जहां तक संवैधानिक अड़चन की बात है तो जब हम लोग एक ही गठबंधन का हिस्सा हैं तो इस तरह की बात कहीं आड़े नहीं आएंगी।
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पासवान से टकराव

गठबंधन में रामविलास पासवान की पार्टी और आपकी पार्टी के बीच टकराव क्यों है?

नहीं, अब कोई टकराव नहीं है।

ये सब शुरुआती बाते हैं। जब परिवार बड़ा होता है तो शुरुआती और क्षणिक मतभेद होते हैं, अब इनके कोई मायने नहीं है। सारा एनडीए एक है, वर्तमान में इसके चारों दलों में किसी भी तरह की कोई टकराहट नहीं है।

बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले में पिता यानी जगन्नाथ मिश्रा का नाम आने से आपकी छवि को कोई नुकसान?

हां, स्वाभाविक रूप से, जनता तो केस की डिटेल नहीं समझती। आज से 25-30 साल पहले डॉ. मिश्र का जो कार्यकाल था आज के लोग उसे न तो जान पा रहे हैं, न समझ पा रहे हैं। दुर्भाग्यवश आज जब उनकी बात होती है तो तात्कालिक रूप से उसी कांड का ज़िक्र होता है।

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा 160 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि रामविलास पासवान की लोजपा को 40 सीटें दी गई हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा को 23 सीटें मिली हैं।
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