बेतिया नगर निगम कार्यालय में अग्नि सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। नगर निगम भवन में लगे कई फायर एक्सटिंग्विशर या तो वर्ष 2023 में ही एक्सपायर हो चुके हैं या फिर उन पर एक्सपायरी की तिथि तक अंकित नहीं है। ऐसे में कार्यालय में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है।
अधिकारियों के कार्यालय तक नहीं सुरक्षित
नगर निगम भवन की पहली मंजिल पर नगर आयुक्त का कार्यालय संचालित होता है, जबकि दूसरी मंजिल पर महापौर एवं उपमहापौर का कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव नहीं किया गया है। भवन के विभिन्न हिस्सों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर लंबे समय से बदले नहीं गए हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर संदेह उत्पन्न हो गया है।
देशभर में बढ़ रही आग की घटनाएं, फिर भी लापरवाही जारी
वर्तमान समय में देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार अग्निकांड की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे संवेदनशील दौर में नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने के समान है। यदि भवन में किसी कारणवश आग लग जाती है तो एक्सपायर हो चुके फायर एक्सटिंग्विशर तत्काल राहत देने में विफल साबित हो सकते हैं, जिससे जान-माल के भारी नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।
तत्काल कार्रवाई की जरूरत
नगर निगम प्रशासन को इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। सभी फायर एक्सटिंग्विशरों की जांच कर उन्हें मानक के अनुरूप बदलना आवश्यक है। साथ ही अग्नि सुरक्षा ऑडिट कर भवन में मौजूद अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जानी चाहिए।
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कर्मचारियों और नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़
नगर निगम प्रशासन की यह लापरवाही न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी है, बल्कि कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ माना जा रहा है।