फिर कर्मियों ने शराब की बोतल होने की जानकारी सचिवालय थाना को दी। सूचना मिलते ही मद्य निषेध विभाग की पुलिस पहुंची और बोतल को जब्त किया। अब पुलिस सीसीटीवी खंगालकर मामले की जाँच करेगी। लोग कहने लगे कि जिस विकास भवन से पूरे प्रदेश की नीति और प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन होता है, वहां शराब के अवशेष मिलना सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों पर गहरा तमाचा है। सचिवालय का यह क्षेत्र हाई-सिक्योरिटी जोन में आता है। यहां प्रवेश के लिए कड़ी मेटल डिटेक्टर जांच और सुरक्षाकर्मियों का पहरा होता है। ऐसे में शराब की बोतल का मिलना आश्चर्यजनक बात है। इस संबंध में डीएसपी डॉ अन्नू ने बताया कि यह मामले की जांच मद्य निषेध विभाग कर रही है।