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भड़के लालू यादव ने अमित शाह को बताया नरभक्षी और तड़ीपार

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बिहार में जैसे जैसे प्रचार अभियान तेज होता जा रहा है नेताओं की जुबान उतनी ही जहरीली होती जा रही है। बेगूसराय के कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा चोर और जंगलराज का जनक कहा तो इससे भड़के लालू ने सारी हदे लांघते हुए शाह को नरभक्षी और तड़ीपार तक कह डाला।
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गुस्साए लालू यहीं नहीं रुके और शाह को कुकर्मी बताते हुए खुद पर लगी जघन्य धाराओं का खुलासा करने की चुनौती भी दे डाली। चुनावी मौसम को देख लालू ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए जातिगत जनगणनना की रिपोर्ट जारी करने की मांग भी कर डाली।

ट्विटर के माध्यम से अपनी रखते हुए लालू ने भाजपा को कहा कि उनकी इतनी औकात नहीं है हमारे आरक्षण पर पुनर्विचार कर सके। अमित शाह एंड कंपनी यह जान ले कि हम अपनी संख्या के बराबर आरक्षण लेकर रहेंगे।
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अमित शाह की बात के जवाब में लालू ने जिस लहजे का इस्तेमाल किया उससे साफ है कि आने वाले चुनावों में दोनों गठबंधनों के बीच जुबानी हमले और तेज होंगे।
एक नरभक्षी एवं तड़ीपार बिहार को सदाचार ना सिखाए।पहले स्वंय के कुकर्म एवं खुद पर लगी सारी जघन्य धाराओं के बारें में चिल्ला कर लोगों को बताए।— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 30, 2015

अमित शाह ने लालू को कहा था चारा चोर

बता दें कि कल बेगूसराय में दस जिलों के कार्यकर्ता सम्मेलन में अमित शाह ने आक्रामक तेवरों के साथ नीतीश कुमार और उनके जोड़ीदार लालू यादव पर जोरदार हमला किया था।

शाह ने नीतीश कुमार पर भाजपा की पीठ में खंजर घोपने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सत्ता के लिए नीतीश किसी की भी गोद में बैठ सकते हैं। इस दौरान उन्होंने लालू यादव को भी नहीं बख्‍शा पूर्व मुख्यमंत्री को चारा चोर की संज्ञा देते हुए अमित शाह ने कहा बिहार का नाम इस चारा चोर की वजह से बदनाम हुआ।

इसलिए बिहार की जनता को इस बार सत्ता किसी ईमानदार पार्टी के हाथ में सौंपनी चाहिए। बिहार चुनावों के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अब बिहार में ही डेरा डाल दिया है। बताया जा रहा है फिलहाल दस दिनों के लिए वह राज्य में रहकर विभिन्न रैलियों को संबोधित करेंगे।
बीजेपी की इतनी औकात नहीँ कि हमारे आरक्षण पर पुनर्विचार करे। अमित शाह & कम्पनी यह जान ले कि हम अपनी संख्या के बराबर आरक्षण लेकर रहेंगे।— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 30, 2015
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पूर्व में सुशील मोदी ने नीतीश को कहा था रावण

ऐसा नहीं है कि बिहार के विधानसभा चुनावों में अभी इस तरह की अर्मयादित भाषा और तल्‍ख शब्दों का प्रयोग हो रहा है। चुनावों से पहले ही माहौल इतना गर्मा चुका है कि राजनीतिक दल और उनके दिग्गज लगातार एक दूसरे पर इसी तरह के शब्दों से हमला कर रहे हैं।

इससे पहले नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को विभीषण कह डाला था। जिसके जवाब में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नीतीश पर हमला बोलते हुए कहा था कि मांझी को विभीषण कहकर नीतीश ने खुद को रावण साबित कर दिया है।

इसके अलावा पूर्व सीएम लालू यादव भी विरोधियों के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग चाहकर भी ऐसे मामलों में कार्रवाई करने में खुद को असहाय पाता है।
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