राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर गुरुवार को पूरे बिहार प्रदेश के राजद नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हैं। कहने के लिए तो यह बैठक मकर संक्रांति को होने वाले चूड़ा-दही की तैयारी के लिए की गई है। दरअसल राष्ट्रीय जनता दल प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी और 15 जनवरी को 'दही चुड़ा भोज' का आयोजन करता है, लेकिन इस बार बात दही-चूड़ा का नहीं बल्कि आने वाला चुनाव है, जिसकी तैयारी के लिए भोज का बहाना किया जा रहा है।
बैठक के कई मायने निकाल रहे हैं लोग
राजद सुप्रीमो लालू यादव के द्वारा एक लम्बे समय से चूड़ा-दही का आयोजन किया जाता रहा है। पुराने समय में वह खुद पार्टी और सहयोगियों को दही परोसते थे। लेकिन गुरूवार की राष्ट्रीय जनता दल में नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक के मायने दूसरे हैं। इस संबंध में राजद कार्यकर्ताओं का कहना है कि 14 जनवरी और 15 जनवरी में इस बार धूमधाम से मकर संक्रांति मनाया जायेगा। इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, प्रदेश प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता, राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य सुभाष यादव, प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, सारिका पासवान, प्रदेश महामंत्री सगंठन सह कार्यालय प्रभारी राजेश यादव सहित अन्य कार्यकर्त्ता शामिल थे। राजद कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस बार का मकर संक्रांति लालू जी के होने की वजह से बहुत ख़ास होने वाला है।
बड़े नेताओं को जिम्मेदारी देने पर मंथन
जानकारी के मुताबिक यह बैठक मुख्य रूप से होने वाले 2024 के चुनाव में राजद की स्थिति को मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए की गई थी। यह चुनाव तेजस्वी यादव के लिए काफी महत्वपूर्ण है इसलिए किन्हें कहाँ की जिम्मेदारी दी जाएगी इन सब बातों पर भी मंथन किए जाने की बात कही जा रही है। कहा यह भी जा रहा है कि राजद पिछले चुनाव में जहां-जहां दो नंबर पर रह गई उन जगहों पर पार्टी किसको जिम्मेदारी दे इन सब बातों पर भी चर्चा की जाने की बात कही गई।