नीतीश कुमार, लालू यादव (फाइल फोटो)
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चारा घोटाला के मामले में सजायाफ्ता और रांची स्थित रिम्स अस्पताल में इलाज करा रहे लालू प्रसाद पर जेल में रहते हुए भी फोन के जरिए बाहर के लोगों से संपर्क करने का आरोप लगाया। नीतीश ने आरोप लगाया कि लालू जेल के अंदर से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। नीतीश के इस आरोप के बाद झारखंड पुलिस ने लालू के वार्ड की तलाशी ली। ये चार दिनों में वार्ड की तलाशी का दूसरा मामला है।
सिटी एसपी और सदर डीएसपी की अगुवाई में पुलिस बल ने रिम्स में लालू के वार्ड की घंटेभर गहन तलाशी ली। तलाशी में पुलिस के हाथ खाली रहे, उन्हें किसी तरह का मोबाइल या अन्य कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। इससे पहले शनिवार को भी लालू के वार्ड की तलाशी ली गई थी। नीतीश ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा था कि 'यह तो लोगों को पता ही है कि लालू जी जेल में रहने पर भी जेल से बात करते रहते हैं। नियम है कि जेल में रहते हुए आप (फोन पर) बात नहीं कर सकते। लेकिन सच्चाई सबको मालूम नहीं हैं।’
लालू के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव ने नीतीश के इस आरोप का खंडन करते हुए इसे बेबुनियाद बताया था और कहा कि न तो लालू से कभी फोन पर बात हुई और न ही जेल में फोन का इस्तेमाल होता है। ‘रिम्स अस्पताल में जहां मेरे पिता जी रहते हैं वहां चेकिंग भी होती है। जेल के नियम का हमारे पिता पालन करते हैं।’ झारखंड के रांची स्थित रिम्स में इलाज करा रहे लालू से मिलने की इच्छा रखने वालों की हर शनिवार को उनसे वहां मुलाकात कराई जाती है।