बिहार में विधानपरिषद चुनावों में पटखनी खाने के दो दिन बाद ही लालू ने भाजपा और केन्द्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अपने राजनीतिक वारिस दोनों बेटों और पूरे दलबल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पटना की सड़कों पर उतरे।
मौका था, जनगणना के जातिगत आंकडों को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ मार्च निकालने का और निशाना था आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी जमीन मजबूत करने का। दोनों ही मोर्चों पर लालू यादव ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया।
हालांकि इस दौरान लालू के नए साझीदार और राजनीतिक सखा नीतीश कुमार और उनका दल इस पूरे मार्च से दूर ही रहा। बताया जा रहा है कि नीतीश दिल्ली में होने वाली सोनिया गांधी की इफ्तार पार्टी में भाग लेने के लिए राजधानी पहुंचने वाले हैं।